नई दिल्ली
दक्षिण-पूर्व एशिया सहित दुनिया भर के 20 देशों के 19 लाख से अधिक वयस्कों पर किए अध्ययन के अनुसार लाल मांस का सेवन टाइप-2 मधुमेह के खतरे को बढ़ाता है।
‘द लांसेट डायबिटीज एंड एंडोक्राइनोलॉजी’ पत्रिका में प्रकाशित विश्लेषण में पाया गया है कि रोज – 50 ग्राम प्रसंस्कृत मांस, 100 ग्राम असंसाधित लाल मांस और 100 ग्राम पोल्ट्री मांस लेने से टाइप-2 मधुमेह होने के खतरा क्रमश: 15 प्रतिशत, 10 प्रतिशत और आठ प्रतिशत अधिक है।
अमेरिका, ब्रिटेन, ब्राजील, मेक्सिको सहित अन्य देशों के शोधकर्ताओं की अंतरराष्ट्रीय टीम ने कहा कि दुनिया के कई क्षेत्रों में मांस का सेवन अनुशंसित स्तर से अधिक है और इसका संबंध टाइप-2 मधुमेह सहित गैर-संचारी रोगों से है।
उन्होंने कहा कि हालांकि, सभी मौजूदा सबूत काफी हद तक उच्च आय वाले देशों, मुख्य रूप से उत्तरी अमेरिका और यूरोप के अध्ययनों पर आधारित हैं।
इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने 31 समूहों को शामिल किया, जिसके लिए डेटा वैज्ञानिक अध्ययन और ऑनलाइन रजिस्ट्री से संकलित किया गया था। अध्ययन में भाग लेने वाले 19,66,444 लोगों में से एक लाख से अधिक लोगों को टाइप-2 मधुमेह हुआ, जो आम तौर पर 10 वर्ष तक रहता है।
शोधकर्ताओं ने कहा, ‘‘टाइप-2 मधुमेह के साथ असंसाधित लाल मांस और प्रसंस्कृत मांस का सकारात्मक संबंध अमेरिका के क्षेत्र में (क्रमशः 13 प्रतिशत और 17 प्रतिशत), यूरोपीय क्षेत्र में (छह प्रतिशत और 13 प्रतिशत) अधिक था और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र व पूर्वी एशिया में (17 प्रतिशत और 15 प्रतिशत) पाया गया।’’
हालांकि, शोधकर्ताओं को इस बात का कोई सबूत नहीं मिला कि पोल्ट्री के बजाय असंसाधित लाल मांस का सेवन करने से मधुमेह के खतरे को कम करने में मदद मिलती है।

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