नई दिल्ली
वरिष्ठ राजनेता गुलाम नबी आजाद की किताब के बाद नया सियासी बवाल खड़ा हो गया है। अब कांग्रेस ने भी अपने पूर्व नेता को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री की तुलना 'गुलाम' से कर रही है। बुधवार को ही कई बड़े नेताओं की मौजूदगी में आजाद की आत्मकथा लॉन्च हुई। लॉन्चिंग से पहले ही किताब के कुछ अंश सामने आ गए थे, जिनमें कांग्रेस से जुड़े कई खुलासे किए गए हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, 'अच्छे खासे आजाद थे। पता नहीं गुलाम बनने की क्या मजबूरी रही।' वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने सवाल उठा दिए कि क्या आजाद ने अडानी मुद्दे पर एक भी बात कही। उन्होंने कहा, 'जब वह पार्टी छोड़कर गए थे, तो उन्होंने कहा था कि वह आजाद हैं, लेकिन बीते दो दिनों में उनके बयान सुनकर यह साफ हो गया है कि वह गुलाम बन गए हैं।' कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने भी आजाद पर राहुल गांधी को अपशब्द कहने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, 'अगर आपको भाजपा से कुछ चाहिए, तो उनकी पहली शर्त है कि राहुल गांधी को अपशब्द कहने होंगे।'
राहुल थे पार्टी छोड़ने की वजह
आजाद ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी छोड़ने की बड़ी वजह राहुल थे। साथ ही उन्होंने कहा कि राहुल के चलते कई वरिष्ठ और युवा नेताओं ने कांग्रेस छोड़ दी। आजाद ने बीते साल अगस्त में कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। उस दौरान तत्कालीन अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे 5 पन्नों के त्यागपत्र में राहुल पर जमकर निशाना साधा था।
कांग्रेस ने बंगले पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाए हैं कि संसद से रिटायरमेंट के बाद भी आजाद को सरकारी बंगले में रहने दिया गया। इसपर आजाद ने कहा कि खतरे के चलते उन्हें दिल्ली में सरकारी बंगले में बने रहने की अनुमति मिली। उन्होंने कहा, 'पंजाब में आतंकियों ने मुझपर 26 बार और जब मैं मुख्यमंत्री था तो जम्मू और कश्मीर में 16 बार हमला किया।' उन्होंने बताया कि वह अपनी पेंशन से ही पानी, बिजली और दूसरे बिल दे रहे थे।

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