बीजिंग
चीन ने बुधवार को डमी वारहेड के साथ अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आइसीबीएम) का प्रशांत महासागर में परीक्षण किया। चीन के रक्षा मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि परीक्षण के दौरान वांछित लक्ष्य हासिल कर लिया गया। इसमें कहा गया कि परीक्षण के संबंध में संबंधित देशों को पहले ही सूचित कर दिया गया था।
अमेरिका तक कर सकती है मार
यह मिसाइल अमेरिका की मुख्य भूमि तक पहुंचने में सक्षम है। 44 वर्षों में पहली बार है कि जब चीन ने खुले समुद्र में आइसीबीएम का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। हांगकांग स्थित साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, मई 1980 में चीन के पहले आइसीबीएम डीएफ-5 ने 9,000 किलोमीटर से अधिक उड़ान भरी थी।
एशिया प्रशांत क्षेत्र में मिसाइल परीक्षण पर होड़
चीनी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि यह परीक्षण लांच हमारी वार्षिक प्रशिक्षण योजना में एक नियमित व्यवस्था है। यह अंतरराष्ट्रीय कानून और प्रथा के अनुरूप है और किसी देश के खिलाफ नहीं है। चीन की ओर से अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण उस समय किया गया है, जब एशिया प्रशांत क्षेत्र में मिसाइल परीक्षण को लेकर होड़ सी लगी हुई है।
परमाणु हथियारों पर क्या बोला चीन
इस महीने की शुरुआत में उत्तर कोरिया की ओर से कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया गया था, जो जापान सागर में गिरा था। चीन की ओर से कहा गया है कि वह परमाणु हथियारों के पहले इस्तेमाल न करने की नीति पर कायम है।

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