बीजिंग। चीन ने बुधवार को अपनी सैन्य ताकत का दुनिया के सामने प्रदर्शन किया। मिसाइलों, लड़ाकू विमानों और नए हथियारों की शानदार परेड ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा। यह परेड द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति की 80वीं वर्षगांठ पर आयोजित की गई। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस परेड की अगुवाई की। करीब दो दर्जन विदेशी नेता इस परेड को देखने पहुंचे। इस परेड में कई नए हथियार पहली बार दुनिया के सामने पेश किए गए। इनमें ड्रोन, मिसाइलें और विमान भी शामिल थे।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक परेड में कई ऐसे हथियार नजर आए, जो पहली बार सार्वजनिक किए गए। इनमें जमीन, समुद्र और हवा में इस्तेमाल होने वाली मिसाइलें, ड्रोन और सटीक निशाना लगाने वाले हथियार शामिल थे। आसमान में लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों ने उड़ान भरी। खास तौर पर जेएल-1 न्यूक्लियर मिसाइल और डीएफ-5सी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल ने सबका ध्यान खींचा। डीएफ-5सी की रेंज 13,000 किलोमीटर से ज्यादा है और यह 10 स्वतंत्र निशाने वाली मिसाइलें ले जा सकती है। इनके अलावा, सीजे-1000 हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल और एचक्यू-29 एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल भी दिखाई गईं। एचक्यू-29 को अंतरिक्ष में बैलिस्टिक मिसाइलों और सैटेलाइट्स को निशाना बनाने के लिए बनाया गया है। यह चीन की मिसाइल डिफेंस सिस्टम का अहम हिस्सा है। चीन ने अपनी नौसेना और वायुसेना के नए हथियारों का भी प्रदर्शन किया। जे-35 और जे-15टी जैसे कैरियर-बेस्ड लड़ाकू विमान पहली बार दिखे। जे-35 को चीन का सबसे आधुनिक स्टील्थ फाइटर बताया जा रहा है, जो दूर समुद्र में रक्षा के लिए बनाया गया है। इसके अलावा एच-6जे लॉन्ग-रेंज बॉम्बर भी दिखा, जो वॉयजे-12 एंटी-शिप मिसाइलों से लैस है।
रिपोर्टस के अनुसार वॉय-20ए और वॉय-20बी ट्रांसपोर्ट विमान भी परेड का हिस्सा थे। वॉय-20बी में चीन के अपने बनाए डब्ल्यूएस-20 इंजन लगे हैं, जो इसे और मजबूत बनाते हैं। केजे-600, जो चीन का पहला कैरियर-बेस्ड विमान है, यह भी पहली बार परेड में नजर आया। यह 1200 किलोमीटर तक की निगरानी कर सकता है। परेड में एआई से लैस ड्रोन और अनमैन्ड सिस्टम ने भी सबको चौंकाया। इनमें रेकी और हमले करने वाले ड्रोन, अनमैन्ड विंगमैन और शिपबोर्न हेलीकॉप्टर शामिल थे। ये ड्रोन स्टील्थ हमले, बड़े इलाके की निगरानी और स्वचालित झुंड में काम कर सकते हैं। सेना और नौसेना के लिए बने अनमैन्ड वाहन भी दिखे, जो माइन साफ करने, गोला-बारूद पहुंचाने और घायलों को निकालने जैसे काम कर सकते हैं।
इसके अलावा परेड में डीएफ-26डी और वॉयजे-15 जैसी मिसाइलें भी नजर आईं। डीएफ-26डी की रेंज 5,000 किलोमीटर है और यह न्यूक्लियर और पारंपरिक दोनों तरह के हथियार ले जा सकती है। वॉयजे-15 को ‘कैरियर किलर’ कहा जाता है, जो दुश्मन के जहाजों पर तेज हमला करने के लिए बनाई गई है। चीन ने अपने नए टाइप 99बी टैंक को भी दिखाया, जो 125एमएम तोप और लेजर डिफेंस सिस्टम से लैस है। यह टैंक तिब्बत जैसे ऊंचे इलाकों में इस्तेमाल हो चुका है। इसके अलावा पीएचएल-16 रॉकेट लॉन्चर भी दिखा, जिसे ताइवान स्ट्रेट में लंबी दूरी के हमलों के लिए अहम माना जाता है। इसकी तुलना अमेरिका के हिमार्स सिस्टम से की जा रही है।

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