सुकमा.
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के एक गांव में रविवार को लोगों के एक समूह ने तीन महिलाओं और दो पुरुषों की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि एक पुजारी ने इशारा किया था कि उन लोगों के द्वारा किए गए जादू-टोने की वजह से गांव में एक लड़के और एक वरिष्ठ नागरिक की अचानक मौत हो गई थी। जिन लोगों ने कथित तौर पर पांचों को लाठियों से पीट-पीटकर मार डाला था, वे बाद में स्थानीय पुलिस थाने पहुंचे और सरेंडर कर दिया।
यह घटना सुकमा जिला मुख्यालय से करीब 90 किलोमीटर दूर एकताल गांव में हुई। पीड़ितों की पहचान मौसम कन्ना (34), उसकी पत्नी मौसम बीरी, मौसम बुच्चा (34), उसकी पत्नी मौसम अरजो (32) और करका लच्छी (43) के रूप में हुई है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, 'गांव में दो मौतें हुईं – एक लड़के की और दूसरी एक बुजुर्ग की। हालांकि उनकी मौत प्राकृतिक कारणों से हुई, लेकिन उनके परिवार के सदस्यों ने एक आदिवासी पुजारी सेपूछा कि उनकी अचानक मौत क्यों हुईं। इसपर पुजारी ने इशारा कर दिया कि मृतक इसके लिए जिम्मेदार हैं।' आरोपियों के नाम सवलम राजेश, सवलम हिडमा, करम सत्यम, कुंजम मुकेश और पोडियाम एनका हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया, 'उन्हें अपने अपराध का कोई पछतावा नहीं है। उनका मानना है कि आरोपी काला जादू कर रहे थे। हम पुजारी और घटना में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रहे हैं।' इससे तीन दिन पहले गुरुवार को बलौदाबाजार-भाटपारा जिले में कथित तौर पर जादू-टोने के शक में 11 माह के शिशु समेत एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या कर दी गई थी।
बच्चों को छोड़ सबको मार दिया
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से गांव में लगभग हर सप्ताह एक बच्चे या पुरुष की मौत हो रही थी और स्थानीय निवासी इन मौतों के लिए पीड़ितों के परिवार को जिम्मेदार ठहरा रहे थे। उन्होंने बताया कि निवासियों ने पुलिस को बताया कि उनका मानना है कि पीड़ितों के परिवार ने गांव में आर्थिक रूप से संपन्न लोगों को निशाना बनाने के लिए जादू-टोना किया। उन्होंने बताया कि दो बच्चों को छोड़कर परिवार के अन्य पांच सदस्यों की हत्या आरोपियों ने कर दी है।

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