रायपुर/बिलासपुर.
हाईकोर्ट ने भिलाई के कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर गुरुवार को फैसला सुरक्षित रख लिया है। पूर्व विस अध्यक्ष और भाजपा उम्मीदवार प्रेमप्रकाश पांडेय ने यह याचिका दायर की थी। दायर याचिका में पांडेय ने कहा कि यादव ने जनप्रतिनिधित्व कानून उल्लंघन कर नामांकन में अपनी संपत्ति की जानकारी छिपाई है। आपराधिक केस का भी शपथ पत्र में उल्लेख नहीं किया,इसलिये उनका निर्वाचन निरस्त किया जाये।
याचिकाकर्ता ने अपनी चुनावी याचिका में कहा कि चुनाव आयोग से आपराधिक मामलों और संपत्ति की जानकारी छिपाना प्रावधानों का उल्लंघन है। यदि कोई उम्मीदवार इस तरह की जानकारी छिपाता है, तो उसका निर्वाचन अवैध हो जाता है। रायपुर और बिलासपुर कोर्ट ने देवेंद्र यादव को समन जारी किया था, जिसमें उन्हें भगोड़ा घोषित किया गया है। आज जस्टिस राकेश मोहन पाण्डेय की सिंगल बेंच में हुई सुनवाई में देवेंद्र यादव की ओर से एडवोकेट बीपी शर्मा ने आवेदन प्रस्तुत कर याचिका को चलने योग्य नहीं बताया। सभी पक्षों की सुनवाई और बहस पूरी हो जाने के बाद कोर्ट ने फिलहाल फैसले को रिजर्व रख लिया है।

More Stories
परीक्षाओं की शुचिता से कोई समझौता नहीं, गड़बड़ी पर होगी कठोर कार्रवाई : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मंत्री गजेंद्र यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस
केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के क्रियान्वयन की सराहना की