मुंबई
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) चीफ शरद पवार ने महाराष्ट्र में विपक्ष को एकजुट रखने के लिए हुंकार भरी है. उन्होंने कहा है कि अगर उनकी पार्टी NCP के साथ ही कांग्रेस और शिवसेना (UBT) तय कर लें कि महाराष्ट्र में बदलाव लाना है तो राज्य में बदलाव आकर ही रहेगा. बता दें कि तीनों पार्टियां महा विकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन में शामिल हैं.
एक पुस्तक विमोचन समारोह में बोलते हुए शरद पवार ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के साथ जुड़ना मुश्किल है. पिछली सरकारों को याद करते हुए पवार ने कहा कि पहले की सरकारों ने प्राचीन कला-संस्कृति, साहित्य और इतिहास के संरक्षण में काफी मदद की. जिस कार्यक्रम में पवार ने यह सभी बातें कहीं, उसमें शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और वरिष्ठ कांग्रेस नेता बालासाहेब थोराट भी मंच पर मौजूद थे.
बगावत के बाद पहली बार एक मंच पर तीनों नेता
पवार ने आगे कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के साथ जुड़ना मुश्किल है, लेकिन कुछ समाधान जरूर निकलेगा. बता दें कि 2 जुलाई को अजित पवार ने एनसीपी से विद्रोह कर सरकार का दामन थाम लिया था. अजित के विद्रोह के बाद यह पहली बार है, जब एमवीए के तीन सहयोगी एक मंच पर मौजूद रहे हैं.
संशोधक मंडल को 50 लाख रु. देगा प्रतिष्ठान
कार्यक्रम के दौरान पवार ने कहा कि यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान किताबें प्रकाशित करने वाले समूह, राजवाड़े इतिहास संशोधक मंडल को 50 लाख रुपये देगा. बता दें कि पवार यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान के प्रमुख हैं.
बगावत के बाद अजित ने शरद से की थी मुलाकात
बता दें कि अजित पवार ने बगावत के बाद शरद पवार से मुलाकात भी की थी. इसके बाद शरद पवार गुट के विधायक बैचेन नजर आए थे. विधायक प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल से अजित पवार और बागी विधायकों के बारे में जल्द से जल्द रुख स्पष्ट करने को कह चुके हैं. उन्होंने इस मुद्दे पर एनसीपी प्रमुख शरद पवार की लंबे समय तक चुप्पी को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की थी.
ताज महल होटल में हुई थी डिनर डिप्लोमेसी
बता दें कि कुछ दिन पहले ही जयंत पाटिल ने एनसीपी विधायकों को ताज महल होटल में डिनर के लिए आमंत्रित किया था. इसका मकसद सहयोगी विधायकों की भावनाओं को समझने की कोशिश था. डिनर में एक दर्जन से अधिक विधायक पहुंचे थे. इनमें जितेंद्र अव्हाड, रोहित पवार, संदीप क्षीरसागर, बालासाहेब पाटिल, अशोक पवार आदि शामिल थे.
चाचा से लगातार तीन बार मिले अजित पवार
डिनर में शामिल एक विधायन ने नाम न छापने की शर्त पर आजतक को बताया था कि होटल में पाटिल की डिनर डिप्लोमेसी का बिल्कुल उल्टा असर हुआ था. दरअसल, एनसीपी के बागी विधायक छगन भुजबल के गढ़ येओला में शरद पवार की रैली के बाद अजित पवार ने अपने चाचा से लगातार तीन बार मुलाकात की थी.
अजित पवार ने दी BJP से हाथ मिलाने की सलाह
अजित ने शरद पवार को अपना नेता बनने और बीजेपी के साथ हाथ मिलाने के लिए मनाने की कोशिश की थी. उनकी पहली मुलाकात एक बहुत ही परिचित घटना थी, जब वह अपनी पत्नी सुनेत्रा और बेटे पार्थ के साथ शरद पवार के निवास सिल्वर ओक गए थे. उस दौरे के बाद अजित पवार ने अपने नवनियुक्त मंत्रियों और अपने समर्थक विधायकों के साथ शरद पवार से मुलाकात की थी.

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