August 11, 2026

कर्नाटक में दुल्हन संकट! किसानों को भगवान का सहारा, दूर दराज के मंदिर में मार्च की हो रही प्लानिंग

नई दिल्ली
भारत में कई जगहें ऐसी हैं, जहां आज भी विज्ञान से परे लोग ऐसी-ऐसी चीजों पर भरोसा करते हैं, जिनके बारे में सुनकर आपको यकीन ही नहीं होगा। ऐसा ही कुछ है कर्नाटक के एक गांव में, जहां सैकड़ों किसान दुल्हन पाने की उम्मीद में मांड्या मंदिर तक पदयात्रा की योजना बना रहे हैं। पिछले आठ महीने किसी दूसरे ग्रुप ने ये कोशिश की थी। किसानों का कहना है कि दुल्हन संकट कई गांवों पर बना हुआ है।

संतोष उन लोगों में से एक हैं, जिनकी उम्र 30 साल या उससे भी ज्यादा है। संतोष ने फरवरी के महीने में चामराजनगर जिले में एमएम हिल्स मंदिर तक ट्रैकिंग की थी। संतोष कहते हैं कि हमें किसी भी तरह के दहेज की चाह नहीं है। हम उन्हें (दुल्हनों को) रानियों की तरह रखेंगे। कई परिवार अपनी बेटियां हमें देने को तैयार भी हैं। हम ये पदयात्रा इस परेशानी को समाज के सामने लाने के लिए रख रहे हैं।

दिसंबर में, मांड्या के कुंवारे लोगों ने अखिल कर्नाटक ब्रह्मचारिगला संघ के बैनर तले आदिचुंचनगिरी मठ तक मार्च करने की योजना बनाई है। संघ के संस्थापक केएम शिवप्रसाद ने कहा कि हमने आदिचुंचनगिरी के संत निर्मलानंदनाथ स्वामी से मुलाकात की और संत ने यात्रा के लिए अपनी सहमति दी। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य दुल्हन संकट के बारे में समाज में जागरूकता पैदा करना है। दिसंबर में मांड्या के कुंवारे लोगों ने अखिल कर्नाटक ब्रह्मचारिगला संघ के बैनर तले आदिचुंचनगिरी मठ तक मार्च करने की योजना बनाई है। संघ के संस्थापक केएम शिवप्रसाद ने कहा कि हमने आदिचुंचनगिरी के संत निर्मलानंदनाथ स्वामी से मुलाकात की और संत ने यात्रा के लिए अपनी सहमति दी। इसका उद्देश्य दुल्हन संकट के बारे में समाज में जागरूकता पैदा करना है।