मुंबई
होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव बरकरार है। ईरान ने एक बार फिर जल मार्ग को बंद कर दिया और दो भारतीय जहाजों पर फायरिंग भी की। होर्मुज में भारत समेत कई देशों के जहाज फंसे हुए हैं। इन्हीं जहाजों में एक की कमान कैप्टन आशीष के कंधों पर है। 45 दिन से होर्मुज में फंसे होने के बावजूद उन्होंने मिसाल पेश की। जहाज में फंसे लोगों की जब वतन लौटने की बारी आई, तो उन्होंने कर्तव्य चुनते हुए खुद को जहाज पर डटे रखा और जहाज में 12 क्रू मेंबर को भारत रवाना किया।
जब समुद्र की लहरें उग्र हों और अनिश्चितता का अंधेरा गहराने लगे, तब नेतृत्व की असली परीक्षा होती है। ऐसी ही कठिन परिस्थिति में उत्तराखंड के रुड़की निवासी कैप्टन आशीष शर्मा ने अपने निर्णयों से साबित किया कि समंदर की लहरों से बड़ी चुनौती होती है जिम्मेदारी और डर से बड़ा होता कर्तव्य। आशीष ने साहस, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदनाओं की प्रेरक मिसाल पेश की है।
जहाज में कैप्टन आशीष के साथ अभी 12 क्रू मेंबर और फंसे
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में 45 दिनों से फंसे पोतों में एक भारतीय जहाज के कैप्टन हैं रुड़की के आशीष शर्मा। दरअसल, तनाव कुछ कम होने के बाद ईरान ने वाणिज्यिक जहाजों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोल दिया है। घर वापसी का रास्ता साफ होने पर कैप्टन आशीष के पास विकल्प था कि पहले वे खुद लौट आएं, लेकिन उन्होंने कर्तव्य को सबसे ऊपर रखते हुए खुद से पहले अपने क्रू मेंबरों की सुरक्षा को चुना। जहाज पर मौजूद 24 क्रू मेंबरों में से 12 को उन्होंने सुरक्षित वतन रवाना कर दिया, जबकि स्वयं जहाज पर डटे रहने का निर्णय लिया।
‘अंतिम साथी के घर पहुंचने तक पोस्ट नहीं छोड़ूंगा’
‘हिन्दुस्तान’ से विशेष बातचीत में आशीष ने कहा,‘जहाज पर मौजूद हर सदस्य की सुरक्षा कैप्टन की पहली जिम्मेदारी होती है। जब तक मेरा अंतिम साथी सुरक्षित घर नहीं पहुंच जाता, मैं अपनी पोस्ट नहीं छोड़ सकता।’ उन्होंने बताया कि शेष क्रू मेंबरों की वापसी को कंपनी प्रयासरत है। सभी को भेजने के बाद वह भारत लौटेंगे। उन्होंने बताया कि जहाज को निकलने में अभी लगभग डेढ़ महीना तक लग सकता है। इस बीच आशीष ने वीडियो संदेश भेज अपने और क्रू मेंबरों के सुरक्षित होने की जानकारी दी। जिन 12 क्रू मेंबरों को भारत भेजा गया, उन्होंने रवाना होते समय अपने कैप्टन के प्रति आभार जताया।
गौरतलब है कि ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से बंद किए जाने के बीच भारतीय ध्वज वाला एक तेल टैंकर इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को सफलतापूर्वक पार कर गया, जबकि कम से कम चार अन्य जहाज वापस लौट गए। जहाजों के निगरानी आंकड़ों के अनुसार, 'देश गरिमा' नामक तेल टैंकर ने शनिवार को जलडमरूमध्य पार किया। भारतीय नौवाहन निगम लिमिटेड (एससीआई) का यह टैंकर मार्च की शुरुआत से इस मार्ग को पार करने वाला भारतीय ध्वज वाला 10वां जहाज है।

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