भोपाल
मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण की वोटिंग के पहले प्रदेश के किसानों के लिए खुशखबरी है। केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने रबी फसल गेहूं के समर्थन मूल्य पर खरीदी पर नए नियम जारी किए है। सरकार ने निर्धारित सीमा प्रतिशत में थोड़ी राहत दी है। नए नियमों के अनुसार अब किसान 50 प्रतिशत तक लस्टर लॉस गेहूं बेच सकते हैं। लस्टर यानि गेहूं के दाने की चमक उड़ना, दाना डैमेज होना और सिकुड़ा हुआ निकलना माना जाता है। अब सरकार ने इसकी सीमा को 30 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है।
50 फीसदी तक डैमेज गेहूं खरीदेगी सरकार
खाद्य आपूर्ति विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि हाल ही में हुई असमय वर्षा और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल की गुणवत्ता पर विपरीत असर पड़ा है। पहले केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देने के मकसद से एफएक्यू के अनुसार निर्धारित सीमा परसेंट को 30 प्रतिशत पर तय किया था। इसे अब बढ़ाया गया है। पहले किसानों से 30 प्रतिशत खराब गेहूं खरीदा जा रहा था, जिसे शिथिलता देते हुए अब 50 प्रतिशत कर दिया गया है।
2400 रुपए प्रति क्विंटल मिल रहे दाम
प्रदेश सरकार अब टूटे हुए गेहूं के दाने की सीमा छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया गया है। इसके अलावा थोड़ा टूटे हुए दाने की खरीद की चार प्रतिशत सीमा को छह प्रतिशत किया गया है। गौरतलब है कि किसानों से गेहूं की सरकारी खरीद 2275रुपये क्विंटल की जा रही है, जबकि राज्य बोनस 125 रुपये है। यानी प्रदेश के किसानों को कुल 2400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं के दाम मिल रहे हैं।

More Stories
प्रकृति अनुकूल स्थापत्य हमारे वास्तु का है आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
स्मार्टफोन पर अलर्ट SMS आते ही हुआ हंगामा, सरकार ने भेजा महत्वपूर्ण संदेश
मप्र में 2 से 5 मई तक मौसम का अलर्ट, 21 जिलों में येलो अलर्ट, 50 किमी/h रफ्तार वाली आंधी की चेतावनी