नई दिल्ली
चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर मॉड्यूल ने आज अपने दूसरे और अंतिम डी-ऑर्बिटिंग को पूरा कर लिया है। इसरो ने सोशल मीडिया पर एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इसकी जानकारी दी। इसरो ने बताया कि लैंडर मॉड्यूल के दूसरे और आखिरी चरण में बदलाव के बाद चांद से इसकी दूरी और कम हो गई है और लैंडर मॉड्यूल और 25 किमी x134 किमी की दूरी पर चांद से ओर भी बेहद करीब आ गया है।
'लैंडिंग के लिए तैयार रहें!'
ISRO के मुताबिक, चंद्रयान-3 लैंडर मॉड्यूल के 23 अगस्त, 2023 को 5 बजकर 45 मिनट पर चांद की सतह पर उतरने की उम्मीद है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी लैंडर मॉड्यूल के चांद पर लैंड करने को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी किया है। उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) में लिखा, 'चंद्रयान 3 मिशन: 'लैंडिंग के लिए तैयार रहें! चंद्रयान 3 का अंतिम डीबूस्टिंग ऑपरेशन सफलतापूर्वक लैंडर मॉड्यूल कक्षा को 25 किमी x 134 किमी तक कम हो गया है। जैसे ही लैंडर मॉड्यूल चांद के करीब पहुंचेगा वैसे ही उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी।'
14 जुलाई को लॉन्च हुआ था चंद्रयान-3
उल्लेखनीय है कि चंद्रयान-3 को 14 जुलाई को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया था। इसने 5 अगस्त को चंद्र कक्षा में प्रवेश किया था। इसरो चंद्रमा पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग करने के लिए प्रयास कर रहा है, जिससे भारत, अमेरिका, रूस और चीन के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा।

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