भोपाल
विधानसभ चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले राज्य सरकार ने सरकारी महकमों में खर्च पर शिकंजा कस दिया है। अब सरकारी विभागों को कोषालय से 25 करोड़ से अधिक की राशि निकालने के लिए वित्त विभाग से अनुमति लेना जरुरी होगा।
संचालक बजट बक्की कार्तिकेयन ने सभी सरकारी महकमों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिवों तथा सभी बजट नियंत्रण अधिकारियोंं को इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए इसका सख्ती से पालन करने को कहा है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में राज्य शासन के कोष से देयक, चैक्स के आहरण के संबंध में अब 25 करोड़ से अधिक की राशि के देयकों के कोषालय से आहरण के लिए कुछ मदों को छोड़कर शेष सभी देयकों के आहरण पर वित्त विभाग से पूर्व अनुमति लेना जरुरी होगा।
पंद्रहवे वित्त आयोग के केन्द्र से प्राप्ति पश्चात आहरण के लिए भी 25 करोड़ से अधिक की राशि के देयकों के कोषालय से आहरण से पूर्व वित्त विभाग की अनुमति आवश्यक होगी। शेष निर्देश यथावत रखे गए है।
लाड़ली बहना, सस्ते गैस सिलेंडर के लिए न रहे दिक्कत
विभागों की दूसरी योजनाओं के अत्यधिक खर्च की प्रवृत्ति पर रोक इसलिए लगाई गई है ताकि आचार संहिता लागू रहने के दौरान भी राज्य सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना और 450 रुपए में सस्ते रसोई गैस सिलेंडर के लिए बजट की कमी न पड़े और चुनाव के दौरान भी प्रदेश के मतदाताओं को इन लोक लुभावन योजनाओं का लाभ यथावत अनवरत मिलता रहे।

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