अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी ऐपल ने भारत में न्यू हेल्थ फोक्स्ड फीचर को पेश कर दिया है. इस न्यू फीचर की मदद से यूजर्स को खर्राटे से संबंधित सांस वाली बीमारी की जानकारी मिलेगी, जिसको स्लीप एपनिया कहा जाता है.
कंपनी ने अपनी ऐपल वॉच में स्लीप एप्निया नोटिफिकेशन फीचर को शामिल किया है, जो यूजर्स की हेल्थ को ट्रैक करेगा और उसकी जानकारी देगा.
साथ ही कंपनी ने बताया है के एयरपॉड्स प्रो 3 में क्लिनिकली वैलिडेटेड हियरिंग टेस्ट फीचर दिया गया है. इसकी मदद से यूजर्स अपने घर बैठे ही सुनने की क्षमता की जांच कर सकेगा.
इंसानों की जिंदगी अहम है नींद
कंपनी ने बताया है कि नींद इंसानों की जिंदगी का एक अहम हिस्सा है. इसका असर इंसानों की जिंदगी और सेहत दोनों पर ही दिखाई देता है.
स्लीप एप्निया क्या होती है?
स्लीप एप्निया, एक आम बीमारी है. इसमें सोते समय कुछ पल के लिए सांस रुक जाती है, जिससे शरीर में पर्याप्त आक्सीजन की सप्लाई नहीं हो पाती है. जानकारी के मुताबिक, एक अनुमान है कि पूरी दुनिया में इस बीमारी से 1 अरब से ज्यादा लोग प्रभावित हैं.
स्लीप एप्निया की वजह से होने वाले नुकसान
स्लीप एप्निया का अगर समय रहते इलाज ना कराया जाए तो यह गंभीर बीमारियों की जड़ बन सकता है. स्लीप एप्निया की वजह से हाई ब्लड प्रेशर, टाइप 2 डायबिटीज और दिल से संबंधित बीमारियां भी हो सकती हैं.
स्लीप एप्निया को कैसे करता है ट्रैक
ऐपल वॉच के अंदर एक खास फीचर शामिल किया है, जिसका काम ब्रीदिंग डिस्टर्बेसेज को चेक करना है. यह फीचर एक्सेलेरोमीटर की मदद से कलाई की छोटी-छोटी एक्टिविटियों को पहचानकर नींद के दौरान सांस लेने के दौरान सामान्य पैटर्न में होने वाली रुकावटों को पहचानता है.
30 दिन में ऐपल वॉच इन डेटा का एनालाइज करेगा और अगर स्लीप एप्निया के लगातार संकेत मिलते हैं, तो उसके बाद यूजर्स को नोटिफिकेशन भेजा जाएगा. इसके बाद शख्स को डॉक्टर से संपर्क करना होगा और आगे की जांच करानी होगी.

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