नई दिल्ली
प्राइवेट सेक्टर की एयरलाइन अकासा एयर ने 43 पायलटों के खिलाफ अदालत का रुख किया है। ये वो पायलट हैं जिन्होंने बिना नोटिस के कंपनी से इस्तीफा दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर अकासा एयर ने कहा कि पायलटों को उनके समझौते के अनुसार अनिवार्य नोटिस अवधि पूरी होने तक किसी भी नई कंपनी या संगठन में शामिल होने से रोका जाना चाहिए। बता दें कि पायलटों के लिए अकासा एयर का नोटिस पीरियड 6 महीने का है।
अकासा एयर के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि यह ना सिर्फ कानून में अवैध है, बल्कि अनैतिक और स्वार्थी कृत्य भी है। इस वजह से अगस्त महीने में उड़ान सेवाएं बाधित रही थीं और आखिरी मिनट में कई उड़ान को रद्द करना पड़ा। बयान में दावा किया गया है कि पायलटों के इस मनमाने ढंग के फैसले से हजारों ग्राहकों को परेशानी झेलनी पड़ी।
आपको बता दें कि भारत के एविएशन सेक्टर में अकासा एयर नई कंपनी है। इस एयरलाइन की घरेलू बाजार हिस्सेदारी जुलाई में 5.2% से घटकर अगस्त में 4.2% रह गई। इस गिरावट का कारण एयरलाइन के उन पायलटों को माना जा रहा है, जिन्होंने पिछले कुछ महीनों में प्रतिद्वंद्वी एयरलाइन कंपनियों को ज्वाइन किया है।
स्पाइसजेट से पीछे: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के आंकड़ों के मुताबिक अकासा एयर रैंकिंग में छठे स्थान पर खिसक गई। अकासा एयर ने इस साल जून में स्पाइसजेट से आगे बढ़कर जुलाई में अपनी बढ़त बरकरार रखी थी। हालांकि, अगस्त में एयरलाइन की बाजार हिस्सेदारी में गिरावट आई।

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