नई दिल्ली
एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी ने कहा कि वायुसेना अगले सात-आठ साल में ढाई-तीन लाख करोड़ रुपये के मिलिट्री प्लेटफॉर्म, उपकरण एवं हार्डवेयर शामिल करने पर विचार कर रही है।
एयर चीफ मार्शल चौधरी ने वायुसेना दिवस से पहले एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वायुसेना खासकर पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास हालात पर लगातार नजर रख रही है। उन्होंने कहा कि वायुसेना अतिरिक्त 97 हल्के लड़ाकू विमान तेजस मार्क 1ए खरीदने की योजना को आगे बढ़ा रही है।
वायुसेना प्रमुख चौधरी ने एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि वायुसेना को एस-400 मिसाइल प्रणाली की तीन इकाइयां प्राप्त हुई हैं और शेष दो इकाइयां अगले वर्ष तक मिल जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि अनिश्चित भू-राजनीतिक स्थिति मजबूत सेना की आवश्यकता को फिर से रेखांकित कर रही है और वायुसेना क्षेत्र में भारत की सैन्य ताकत दिखाने का आधार बनी रहेगी।
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि हमने अग्निपथ योजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने युद्ध और अभियानों के दौरान अपने संसाधनों का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए थलसेना, वायुसेना और नौसेना की क्षमताओं का एकीकरण करने संबंधी परियोजना के संबंध में कहा कि यह काम प्रगति पर है।

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