हैदराबाद
एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को लोकसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा से महज कुछ दिन पहले चुनाव आयुक्त अरुण गोयल के इस्तीफे को चौंकाने वाला करार दिया। उन्होंने मांग की कि सरकार को चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के कारणों का खुलासा करना चाहिए।
हैदराबाद सांसद ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि चूंकि अरुण गोयल ने अपने इस्तीफे के कारणों का खुलासा नहीं किया है, इसलिए मोदी सरकार को देश को बताना चाहिए कि उनके इस कदम के कारण क्या हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा 13 मार्च के बाद कभी भी होने की संभावना है और उससे कुछ ही दिन पहले चुनाव आयुक्त ने इस्तीफा दे दिया है जो आश्चर्यजनक और चौंकाने वाला है।
उन्होंने याद दिलाया कि जब सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के बारे में संसद में एक विधेयक लेकर आई थी, तो उन्होंने इसका विरोध किया था क्योंकि सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ गई थी।
ओवैसी ने कहा कि गलत कानून पारित किया गया क्योंकि प्रधानमंत्री, मंत्री और विपक्ष के नेता की तीन सदस्यीय समिति चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करेगी। उन्होंने कहा, “जब समिति में सरकार के दो सदस्य होंगे, तो यह स्पष्ट है कि सरकार अपनी पसंद के व्यक्तियों को चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त करेगी। खोज समिति में भी सरकार के अधिक सदस्य हैं। सांसद ने याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेशों में कहा था कि स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराने के लिए तटस्थ व्यक्तियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के लिए नियुक्ति समिति में सरकार के पास बहुमत नहीं होना चाहिए।

More Stories
तमिलनाडु में सियासी भूचाल के संकेत, पूर्व CM का दावा- कभी भी गिर सकती है विजय सरकार
पुष्पा झुकेगा नहीं’ वाले TMC नेता जहांगीर खान ने बदले सुर? री-पोलिंग से पहले नामांकन वापस
अगर कांग्रेस से हाथ मिला लेतीं ममता, तो क्या बदल जाता बंगाल का चुनावी गणित?