रीवा
लगभग 2 महीने पहले वह बीजेपी में थे, टिकट कटने की खबर लगी तो कांग्रेस में आ गए। टिकट पाने के लिए खूब जतन किए, खूब मेहनत की और आखिरकार उस मेहनत का परिणाम मिल ही गया। दौड़ने वाले का भाग्य भी दौड़ता है। इस कहावत को सच साबित किया है रीवा की सेमरिया सीट से कांग्रेस उम्मीदवार अभय मिश्रा ने। उन्हें जैसे ही इस बात की जानकारी मिली कि भाजपा ने उनका टिकट काट दिया है। वह फौरन कांग्रेस से टिकट पाने के लिए जुट गए। दिल्ली-भोपाल को एक कर डाला और आखिरकार टिकट पाने में सफल हो गए।
भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आए पूर्व विधायक अभय मिश्रा को कांग्रेस ने सेमरिया विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है। टिकट मिलने के बाद अभय मिश्रा बीजेपी पर हमलावर हो गए। उन्होंने शिवराज सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने हुए कहा कि उनसे वादा किया गया था सेमरिया विधानसभा सीट से भाजपा के वर्तमान विधायक केपी त्रिपाठी को टिकट नहीं दिया जाएगा, लेकिन उन्हें जब इस बात की जानकारी हुई कि केपी का टिकट तय है तो उन्होंने भाजपा से इस्तीफा दे दिया।
पूर्व विधायक अभय मिश्रा को राजनीति का मंझा हुआ खिलाड़ी माना जाता है। सेमरिया विधानसभा सीट से वो और उनकी पत्नी दोनों विधायक रह चुकी हैं। हाल ही में वो एक बार फिर भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस ने उन्हे सेमरिया विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने भाजपा पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा है कि वो समझ गए थे की उन्हें घुमाया जा रहा है, जिसके बाद वो भाजपा के एक-एक नेता के पास गए। उन्होंने कहा कि उन्हें कहा जा रहा था आपके बारे में विचार चल रहा है, लेकिन वो समझ गए थे कि उन्हें किनारे कर दिया जाएगा और एक बिस्कुट खिलाकर कह दिया जाएगा जाओ बेटा अपने घर। मैंने कहा कि यह नहीं चल पाएगा। मुझे हल्के में मत लीजिए, मैंने खुलकर बोला था कि वर्तमान विधायक के अलावा किसी को भी टिकट दे दीजिए। मैं उसके साथ खड़ा रहूंगा, लेकिन ऐसा नहीं किया गया, जिससे मुझे पार्टी छोड़नी पड़ी।

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