नई दिल्ली
राजधानी में अनोखी शादी हुई। फादर्स डे की पूर्व संध्या पर आईसीयू में भर्ती बीमार पिता की आ्खों के सामने दो बेटियों का निकाह कराया गया। पिता अपने जीते जी बेटियों के हाथ में मेंहदी लगी देखना चाहता था। बीमार पिता की इच्छा के मुताबिक एरा मेडिकल कॉलेज का आईसीयू दो सगी बहनों की शादी का गवाह बना। आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों की ख्वाहिश पर उसकी दो बेटियों का निकाह आईसीयू में ही पढ़ा गया। माला पहने दूल्हे आईसीयू में निकाह की रस्म पूरी करते नजर आए। डाक्टर नर्स बाराती की भूमिका में नजर आए।
दुबग्गा स्थित एरा मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में सैयद जुनैद इकबाल (51) गुजरे 15 दिनों से भर्ती हैं। संक्रमण की वजह से उन्हें सांस लेने में दिक्कत है। इससे पहले चार बार तबीयत बिगड़ने पर अलग-अलग दिनों में भर्ती कराया गया है। भाई डॉ. तारिक साबरी ने बताया कि सैयद जुनैद इकबाल उन्नाव के मुसंडी शरीफ मजार के सज्जादा नशीन हैं। इनकी दो बेटिया हैं। पहली तन्वीला व दरख्शां। दोनों का निकाह पहले से तय था। 22 जून को मुंबई में निकाह व रिसेप्शन मुकर्रर था। अप्रैल में भाई की तबीयत खराब हो गई। 15 दिन पहले एरा के आईसीयू में भर्ती कराया गया। इलाज के बावजूद तबीयत में सुधार नहीं हुआ। लिहाजा पिता ने अपने सामने बेटियों की शादी की ख्वाहिश जाहिर की। पिता चलने-फिरने में लाचार हैं। इसके लिए एरा मेडिकल कॉलेज प्रशासन से अनुमति मांगी। एरा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए आईसीयू में निकाह की अनुमति दी। लिहाजा अस्पताल प्रशासन ने आईसीयू में पिता के सामने दूल्हे और मौलवी को बुलाकर दोनों बेटियों का निकाह कराया। 13 को तन्वीला का निकाह हुआ। 14 जून को दरख्शां का निकाह पढ़ाया गया।

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