जबलपुर
हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने ज्ञानगंगा स्कूल, भोपाल के संचालक मिनिराज मोदी की जमानत अर्जी निरस्त कर दी। मामला आठ वर्षीय छात्रा से दशक के आरोप से सम्बंधित हैं। भोपाल की सेशन कोर्ट से जमानत अर्जी निरस्त होने के बाद हाई कोर्ट की शरण ली गई थी। सुनवाई के दौरान आपत्तिकर्ता पीड़ित बच्ची की मां के अधिववक्ताओं के तर्क सुनने के बाद राहत से इनकार कर दिया गया। कोर्ट ने कहा मामला गम्भीर है, अतः नहीं दे सकते जमानत। उल्लेखनीय है कि मिनीराज को थाना मिसरोद, भोपाल पुलिस ने पास्को एक्ट में गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने मासूम के बयान और बाल कल्याण समिति की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की थी। इस मामले में मिसरोद थाना पुलिस ने एसआई प्रकाश सिंह राजपूत को भी हिरासत में लिया था। राजपूत पर आवेदिका पर दबाव बनाने और धमकाने का आरोप है। वह पहले से सस्पेंड है। मिनिराज और प्रकाश सिंह राजपूत को भोपाल कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था।
कैसे हुई थी आरोपित की पहचान
पीड़ित बच्ची की मां ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें बताया था कि बच्ची के साथ जिस दाढ़ी वाले व्यक्ति ने अनैतिक आचरण किया, वह मिनिराज मोदी हैं। बच्ची की मां ने मिनिराज की फेसबुक प्रोफाइल भी दिखाई थी। बच्ची ने उसकी फोटो देखकर बताया कि वही दाढ़ी वाले अंकल हैं जिन्होंने उसके साथ गलत काम किया था। उनके घर भी जाया गया था। इसके बाद, पुलिस ने कटारा हिल्स में घेराबंदी कर मिनिराज को एक घर के बाहर से हिरासत में लिया था। सोमवार की रात को, बच्ची ने आरोपित की पहचान कराई और उसे पहचान लिया।

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