अमृतसर
स्वर्ण मंदिर में योग करने वाली अर्चना मकवाना ने दावा किया है कि उनको जान से मारने व दुष्कर्म की धमकियां मिल रही हैं। उनके आरोपों पर एसजीपीसी ने कहा कि उनको तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए। वह सिखों को बदनाम ना करें, क्योंकि एक सिख किसी महिला को गाली नहीं दे सकता है।
दरअसल, अर्चना मकवान ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर स्वर्ण मंदिर में योग किया था। इसका वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ा। एसजीपीसी ने अर्चना पर धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का केस दर्ज करा दिया।
सिखों को ना करें बदनाम
एसजीपीसी के जनरल सेक्रेटरी गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि अर्चना मकवाल को सोशल मीडिया पर धमकियां दी जा रही है, तो उनको पुलिस के पास जाना चाहिए। एसजीपीसी को इस मामले में घसीटना ठीक नहीं है। इसमें सिखों का हाथ नहीं है, क्यों कि कोई सिख किसी स्त्री को धमकी नहीं दे सकता है।
ग्रेवाल ने अर्चना पर कहा कि वह स्वर्ण मंदिर केवल योग करने के लिए ही आई थीं। उन्होंने फोटो खिंचवाया और वहां से चली गईं। उन्होंने अंदर जाकर माथा तक नहीं टेका था। अब वह इस तरह के आरोप लगाकर सिखों को बदनाम करने का काम कर रही हैं। उनको अपने काम के लिए माफी मांगनी चाहिए, लेकिन वह उल्टे आरोप लगा रही हैं।
पढ़ें कौन हैं अर्चना मकवाना?
अर्चना मकवाना एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं, जो गुजरात के वडोदरा की रहने वाली हैं। उन्होंने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में योग किया था। उनके योग करने पर एसजीपीसी ने आपत्ति जताई थी।

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