इंदौर
मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार व अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले अफसरों के खिलाफ सरकार एक्शन में है। राज्य की व्यापारिक राजधानी इंदौर में भी प्रशासन का भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख है। यहां की नकल शाखा में एक व्यक्ति से रिश्वत मांगने वाली महिला कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें रेखा पाटिल ने आवेदक से पैसों की अनुचित मांग की थी। यह शासन एवं प्रशासन के नैतिक दायित्वों के प्रतिकूल है। इसे नजर में रखते हुए कलेक्टर आशीष सिंह ने तहसील जूनी इंदौर में कार्यरत रेखा पाटिल की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है।
बताया गया है कि अपर कलेक्टर एवं उपाध्यक्ष समाधान समिति कलेक्ट्रेट इंदौर के आदेश से 27 अप्रैल 2013 को रेखा पाटिल, कम्प्यूटर ऑपरेटर, को तहसील जूनी इंदौर में अस्थाई रूप से कार्य करने हेतु आदेशित किया गया था। बीते दिनों उनका सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ, प्रशासन ने इसकी सच्चाई का पता लगाया, उसके बाद यह कार्रवाई की गई।

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ऐसा प्रधान सेवक आपने कहां देखा होगा, जो बिना छुट्टी लिए 25 वर्षों से लगातार राष्ट्रसेवा में जुटा है” — राज्यमंत्री पंवार