रायपुर
छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने शराब को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर लगातार झूठ बोलकर अपनी जिम्मेदारी से मुँह चुराने का आरोप लगाया है। चंदेल ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल द्वारा भाजपा की पूर्ववर्ती राज्य सरकार पर शराब बेचने की ट्रेनिंग देने का आरोप लगाया जाना उस कहावत को चरितार्थ कर रहा है कि सूप बोले तो बोले, चलनी भी बोले, जिसमें बहत्तर छेद! अपनी वादाखिलाफी और शराब घोटाले के काले कारनामों को ढँकने के लिए लाख झूठ बोलकर, स्तरहीन बयान देकर भी मुख्यमंत्री बघेल छत्तीसगढ़ को शराब के दलदल में धकेलने के पाप से बरी नहीं हो पाएंगे।
चंदेल ने कहा कि प्रदेश साक्षी है कि पूर्ण शराबबंदी का वादा करने के बावजूद प्रदेशभर में गाँव-गाँव, गली-गली और घर-घर शराब पहुँचाने का कलंकित अध्याय मुख्यमंत्री बघेल के शासनकाल में लिखा जा रहा है। शराब की प्रीमियम दुकानें चल रही हैं, नकली होलोग्राम बनाए जा रहे हैं और गंगाजल की कसम खाकर माँ गंगा तक को अपमानित करने का कृत्य कांग्रेस के शासनकाल में हुआ। यहाँ तक कि कोरोना काल तक में तमाम वर्जनाओं और मयार्दाओं को ताक पर रखकर भूपेश सरकार ने शराब बेचने की ऐसी लोलुपता दिखाई कि पूरे देश में छत्तीसगढ़ शर्मसार हो गया। षड्यंत्र की इन्तेहा देखिए कि खुद सरकार से जुड़े लोग कच्ची और देशी शराब बिकवाते थे और जब इसे पी कर बड़ी संख्या में मौतें हुई तो इसे ही बहाना बनाकर भूपेश सरकार ने शराब की होम डिलीवरी भी शुरू कर दी थी। ऐसा अन्याय करने वाली भूपेश बघेल सरकार इस देश की पहली ऐसी राज्य सरकार है। मुख्यमंत्री बघेल प्रदेश को यह जवाब दें कि क्या गंगाजल की सौगंध खाकर पूर्ण शराबबंदी का वादा करते समय कांग्रेस ने शराबबंदी के लिए ऐसी कोई शर्त रखी थी?
भूपेश सरकार के आबकारी मंत्री कवासी लखमा को तो यहाँ तक कहते पूरे प्रदेश ने सुना-देखा है कि जब तक मैं सरकार में हूँ, छत्तीसगढ़ में शराबबंदी नहीं होगी। ऐसा लग रहा है कि इस मामले में एक भोले-भाले आदिवासी नेता कवासी लखमा को इसलिए विभागीय मंत्री बना कर रखा गया ताकि वे खामोश रहें और पॉलिटिकल मास्टर पूरी मलाई साफ करते रहें। मुख्यमंत्री बघेल जो बोल नहीं पाते, उसे मंत्री लखमा के मुँह से कहला कर कांग्रेस की नीति और नीयत में खोट का परिचय वह दे रहे हैं।

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