ग्वालियर
प्रदेश में नए वित्तीय वर्ष 2023-24 की नई आबकारी नीति (एक्साइज पॉलिसी) में ऐन वक्त पर कुछ बड़े बदलाव करने की सुगबुगाहट से लायसेंसी ठेकेदारों के हाथपांव फूले हुए हैं। ठेकेदार सबसे ज्यादा परेशान धार्मिक स्थलों और स्कूल-कॉलेजों से दुकानों की दूरी 50 मीटर से बढ़ाकर 200 मीटर किए जाने को लेकर हैं। नई नीति में यह बदलाव होने पर प्रदेश भर में सैकड़ों शराब दुकानों के ‘ठिकाने’ बदलना पड़ेंगे।
शहरों में जो दुकानें अभी अच्छी लोकेशन पर हैं,उनमें तमाम दुकानें ऐसी हैं,जिनकी दूरी अभी प्रतिष्ठित थार्मिक स्थलों और स्कूल-कॉलेजों से 50 मीटर से 200 मीटर के बीच है। ऐसी सभी दुकानों को पुरानी जगहों से दूसरी नई जगह पर शिफ्ट करना पड़ेगा। ठेकेदार इसी बात को लेकर टेंशन में हैं कि उन्हें इन दुकानों के लिए नई इच्छी लोकेशन मिल पाएगी या नहीं।
अगर सही जगह नहीं मिल पाई तो शराब की बिक्री पर असर पड़ेगा। यही बजह है कि ठेकेदार नहीं चाह रहे कि नई आबकारी नीति में धार्मिक स्थलों और स्कूल-कॉलेजों से दुकानों की दूरी बढ़ाकर 200 मीटर की जाए। हालांकि ठेकेदार इसका खुलकर तो विरोध नहीं कर रहे,लेकिन उन्होंने आबकारी विभाग के आला अफसरों तक अपनी बात पहुंचा दी है। सूत्रों के अनुसार शराब दुकानों की जगह नए वित्तीय वर्ष से बदली जाती है,तो इसका असर सरकार को शराब बिक्री से मिलने वाले राजस्व पर भी पड़ सकता है। जो दुकानें अच्छी लोकेशन से हटाकर दूसरी जगह भेजी जाएंगी,उनका ठेका लेने में ठेकेदार आनाकानी कर सकते हैं।

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