भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय संत परंपरा के प्रेरक संत, महान आध्यात्मिक गुरू और अद्भुत विचारक स्वामी रामकृष्ण परमहंस की जयंती पर नमन किया। मुख्यमंत्री चौहान ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय स्थित सभागार में उनके चित्र पर माल्यार्पण किया। स्वामी रामकृष्ण परमहंस ने सभी धर्मों की एकता को महत्व दिया। साधना के फलस्वरूप वे इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि संसार के सभी धर्म सच्चे हैं और उनमें कोई भिन्नता नहीं है। सभी धर्म ईश्वर तक पहुँचने के भिन्न-भिन्न साधन मात्र हैं। स्वामी विवेकानन्द उनके परम शिष्य थे। मानवीय मूल्यों के पोषक स्वामी रामकृष्ण परमहंस का जन्म 18 फ़रवरी 1836 को बंगाल प्रांत स्थित कामारपुकुर ग्राम में हुआ था। उन्होंने 16 अगस्त 1886 को कोलकाता में देह त्यागी।

More Stories
CM डॉ. यादव से पद्म सम्मानित लोहिया की मुलाकात, तीसरी बार इंग्लिश चैनल पार करने निकलेंगे
ऋषिगालव महाविद्यालय में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता व्याख्यान, पूर्व एनसीसी कैडेट के लेफ्टिनेंट बनने पर भव्य स्वागत
हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी श्रमिक को नौकरी पर नहीं लिया, मंडी समिति को देने होंगे ₹6.44 लाख