नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 22 सितंबर से 54 वस्तुओं पर जीएटी दरों में कटौती का ऐलान किया है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को सीधा लाभ पहुंचाना है। इन वस्तुओं में सूखे मेवे, किचन के बर्तन, प्रसाधन सामग्री सहित घरेलू उपयोग की 54 वस्तुएं शामिल हैं। सरकार चाहती है कि इन वस्तुओं के दाम टैक्स कटौती के अनुसार घटें। इसकी निगरानी के लिए केंद्रीय और राज्य जीएटी विभागों के फील्ड अधिकारी बाजारों में औपचारिक निरीक्षण करेंगे।
जीएसडी विभाग के अधिकारी उन वस्तुओं को खुद खरीदेंगे, जिनके दाम में कटौती की गई है। यदि पाया गया कि दुकानदारों ने टैक्स में कमी के बावजूद कीमतें नहीं घटाईं, तो उनके इनपुट टैक्स क्रेडिट को ब्लॉक कर दिया जाएगा। इसका मतलब है कि व्यापारी अपनी खरीद पर चुकाए गए टैक्स का फायदा नहीं उठा सकेंगे, जिससे उनकी कर देनदारी बढ़ जाएगी। जीएटी विभाग ने उन 54 वस्तुओं की एक सूची तैयार की है, जिन पर यह कटौती लागू होगी।
जीएसटी विभाग के अनुसार जीएसटी कटौती वाली वस्तुओं को श्रेणियों में बांटकर एक जगह सूचीबद्ध किया गया है, ताकि निगरानी में आसानी हो। अधिकारियों को पहले पुराने दाम दर्ज करने और फिर 22 सितंबर के बाद नए दामों की तुलना करने के निर्देश दिए गए हैं। हर शहर और कस्बे में स्थानीय स्तर पर यह सूची बनेगी। यदि किसी दुकान पर कीमतों में अपेक्षित कटौती नहीं हुई, तो विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा। सरकार का उद्देश्य है कि टैक्स कटौती का लाभ आम जनता को पूरी तरह मिले।

More Stories
सिंधु जल संधि के बाद पाकिस्तान की तरह बांग्लादेश को भी सता रहा डर, गंगा जल समझौते पर क्यों बढ़ी चिंता?
BRICS Summit में PM मोदी का बड़ा संदेश, बोले- ‘UNSC में सुधार अब टाला नहीं जा सकता’
BRICS के बीच भारत-अमेरिका की TRUST पहल, अंडरवाटर केबल मजबूत होने से WhatsApp से UPI तक को फायदा