इम्फाल
मणिपुर में 12 दिनों की शांति के बाद शुक्रवार तड़के फिर से हिंसा भड़क उठी। हथियार से लैस बदमाशों ने उखरुल जिले में तीन ग्राम रक्षा कर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, यह घटना जिला मुख्यालय उखरूल शहर से लगभग 47 किमी दूर स्थित कुकी आदिवासियों के गांव थौवाई कुकी में सुबह 4:30 बजे के आसपास हुई। इस इलाके में नागा जनजाति तांगखुल का प्रभुत्व है।
मणिपुर में 3 मई से इंफाल घाटी में बहुसंख्यक मैतेई और आसपास के पांच जिलों में प्रभावी आदिवासी कुकी समुदायों के बीच जातीय झड़पें देखी जा रही हैं। इन झड़पों में 160 से अधिक लोगों की जान चली गई है। लगभग 50,000 लोग विस्थापित हुए हैं।
आपको बता दें कि नागा राज्य की आबादी का लगभग 24% हैं। अभी तक झड़पों में शामिल नहीं हुए हैं। राज्य की आबादी में मैतेई लोगों की संख्या लगभग 53% है जबकि कुकी लोगों की संख्या लगभग 16% है।
उखरुल के पुलिस अधीक्षक एन वाशुम ने पुष्टि करते हुए कहा, ''हमारी जानकारी के अनुसार हथियारबंद बदमाशों का एक समूह पूर्व में स्थित पहाड़ियों से गांव में आया और ग्राम रक्षकों पर गोलीबारी शुरू कर दी। घटना में गांव के तीन लोगों की मौत हो गई है। किसी के घायल होने की कोई रिपोर्ट नहीं है।''
उन्होंने कहा कि घटना के बाद सुरक्षा बढ़ा दिया गया है। घटना में शामिल लोगों को पकड़ने के लिए राज्य पुलिस और भारतीय सेना द्वारा संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। आपको यह भी बता दें कि 5 अगस्त को बिष्णुपुर और चुराचांदपुर जिलों में दो समुदायों के बीच गोलीबारी की अलग-अलग घटनाओं में पांच लोग मारे गए थे। इनमें तीन मैती और दो कुकी समुदाय के लोग शामिल थे।

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