इस्लामाबाद
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सोमवार को हिंसा की दो घटनाओं में पंजाब के रहने वाले 39 लोगों को मार डाला गया। एक मामले में तो बलूचिस्तान के मूसाखेल में हाईवे पर कई गाड़ियों को रोका गया और उनसे उतरे पंजाबी मूल के लोगों को मार डाला गया। इन लोगों को मारने से पहले आईडी कार्ड चेक किए गए और यह पता लगने के बाद मार डाला गया कि वे पंजाबी हैं। इसके अलावा एक अन्य घटना में भी 16 लोगों की हत्या कर दी गई। इन हमलों की जिम्मेदारी बलोच लिबरेशन आर्मी ने ली है। यह बलूच उग्रवादियों का संगठन है, जो अकसर पंजाबी मूल के लोगों को निशाना बनाता रहता है।
इस बीच पाकिस्तान की सेना ने बलूच विद्रोहियों के खिलाफ अभियान शुरू किया है। रेडियो पाकिस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक आज सुबह से अब तक 12 उग्रवादियों मार गिराए गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि बलूचिस्तान में आतंकियों ने कई जगहों पर कायरना वारदातों को अंजाम दिया है। इन हमलों का मजबूती के साथ सुरक्षा बलों ने जवाब दिया है और अब तक चलाए गए ऑपरेशन में 12 को ढेर किया है। बता दें कि रविवार की रात को बलोच लिबरेशन आर्मी ने मस्तंग, कलात, पासनी, संतसार में पुलिस थानों पर हमले किए थे।
इन हमलों की जिमेमेदारी लेते हुए संगठन ने कहा कि हमने कुछ और जगहों पर भी अटैक किए हैं। इसके अलावा पाकिस्तान को ईरान से जोड़ने वाली रेल लाइन को भी निशाना बनाया गया है। दरअसल बलूचिस्तान में पाकिस्तान के निर्माण के दौर से ही अलगाववादी आंदोलन चल रहा है। बलूचों का मानना है कि पाकिस्तान उनके संसाधनों का तो दोहन करता है, लेकिन वहां विकास नहीं होता। चीन के साथ मिलकर ग्वादर पोर्ट समेत कई और परियोजनाओं पर भी यहां काम चल रहा है। इनके विरोध में भी बलूच उतरे हैं।
यही नहीं इसके विरोध में वह अकसर पंजाबियों पर अटैक करते हैं। दरअसल उनका मानना है कि बलूचिस्तान के संसाधनों पर पाकिस्तानी पंजाब के लोगों का अवैध कब्जा है। इसके चलते उनका शोषण हो रहा है। इस साल कई बार ऐसी घटनाएं हुई हैं, जब पंजाब के लोगों को बलूचिस्तान में निशाना बनाया गया। इसके अलावा कई बार तो चीनी नागरिकों पर भी हमले हुए हैं। एक हमले में तो 9 चीनी इंजीनियर मारे गए थे।

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