मणिपुर
मणिपुर से फिर हिंसा की खबर सामने आ रही है। दो अलग-अलग घटनाओं में तीन लोग मारे गए। इनमें से दो बिहार के मजदूर शामिल थे। वहीं, पुलिस ने एक उग्रवादी को भी मुठभेड़ में मार गिराया है। काकचिंग जिले में दो श्रमिकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतकों की पहचान 18 साल के सुनेलाल कुमार और 17 साल के दशरथ कुमार के रूप में हुई। वे बिहार के गोपालगंज जिले के राजवाही गांव के रहने वाले थे।
दोनों युवक काकचिंग में मैतेई बहुल इलाके में रह रहे थे। काकचिंग-वाबागई रोड पर पंचायत कार्यालय के पास शाम लगभग 5:20 बजे अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। मजदूरों पर हमले का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। इस बात की संभावना है कि मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच चल रहे जातीय संघर्ष के कारण इनकी हत्या की गई है।
आपको बता दें कि इससे पहले शनिवार को मणिपुर पुलिस के कमांडो ने थोउबाल जिले के सालुंगफाम मणिंग लेकाई में संदिग्ध उग्रवादियों के साथ मुठभेड़ में एक उग्रवादी को मार गिराया। छह अन्य को गिरफ्तार भी किया है। मृतक उग्रवादी की पहचान 16 साल के लाइश्राम प्रियाम उर्फ लोकटक के रूप में हुई। वह प्रतिबंधित संगठन PREPAK का सदस्य था।
पुलिस को इलाके में हथियारबंद लोगों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद सुबह 9:30 बजे के आसपास सालुंगफाम हाई स्कूल के पास तलाशी अभियान चलाया। मुठभेड़ के दौरान प्रियाम को दाहिने पेट में गोली लगी और बाद में इम्फाल के राज मेडिसिटी अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने हथियारों की बरामदगी की है, जिनमें तीन इंसास राइफल, एक एसएलआईर राइफल, एक .303 राइफल, एक AMOGH राइफल, कई मैगजीन और गोला-बारूद शामिल थे। पुलिस ने एक चार पहिया वाहन भी जब्त किया है।
प्रियाम की मां लाइश्राम गीटमाला ने बताया कि उसका बेटा तीन महीने पहले घर छोड़कर गया था ताकि वह कुकी उग्रवादियों द्वारा किए जा रहे हमलों से गांवों की रक्षा कर सके। उसने यह भी बताया कि प्रियाम हाई स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट परीक्षा की तैयारी कर रहा था। उन्होंने कहा, "इस संकट को खत्म किया जाए। अगर हिंसा नहीं रुकी तो कई परिवार वही दर्द महसूस करेंगे जो मैं आज अनुभव कर रही हूं।"

More Stories
चीनी-प्याज के बाद अब अंडा महंगा, इथेनॉल से क्या है इसका सीधा कनेक्शन?
2029 तक Gen Z बनेगी भारत की सबसे बड़ी वयस्क पीढ़ी, चुनावी एजेंडा तय करने में बढ़ेगी ताकत
दलदल से निकलना है…’ शादी के लिए PAK से क्यों आईं 150 लड़कियां?