August 19, 2026

किस्सों का सफरनामा

पूर्व राष्ट्रपति स्व. डा. शंकर दयाल शर्मा का आज 19 अगस्त को जन्मदिवस पर विशेष
– *प्रलय श्रीवास्तव*

*डा. शंकर दलाय शर्मा और मेरे पिता स्व. वरिष्ठ पत्रकार श्री सत्यनारायण 1श्रीवास्तव के रिश्ते न सिर्फ पारिवारिक बल्कि प्रगाढ़ भी थे। डा. शर्मा 1954 में पिता की शादी में बूटीबोरी, नागपुर बाराती बनकर गये थे। 1973-74 में जब मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री प्रकाश चंद सेठी को हाई कमान हटाकर अखिल भारतीय कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष डा. शंकर दयाल शर्मा को मुख्यमंत्री बनाना चाह रहा था, तब ऐसे में श्री सेठी ने पिता को कार्य सौंपा कि वे डा. शर्मा से बयान जारी करा दे कि मुख्यमंत्री बनने में उनकी रूचि नहीं है, पिता ने इसके एवज में एक शर्त रखी, जिसपर सेठी जी मान गये थे। कार्य संपन्न होने के बाद श्री सेठी के पूछने पर पिताजी ने उनसे 30 हजार रूपये के वित्तीय सहयोग की मांग रखी। यह पूछने पर कि इतनी राशि का क्या करोगें। तब उन्हें बताया गया कि पूरा प्लान तैयार है, यह राशि अखिल भारतीय काँग्रेस अध्यक्ष बनने पर भोपाल की जनता की ओर से डा. शंकर दयाल शर्मा के नागरिक अभिनंदन पर खर्च होगी। फिर हुआ भी वही। भोपाल के देश के वरिष्ठतम नेता आए और जहांगीराबाद में नवनिर्मित लिली टॉकीज में डॉ. शंकर दयाल शर्मा का भव्य गरिमामय अभिनंदन समारोह हुआ। अभिनंदन ग्रंथ भी छपा, जो आज भी मेरे पास किसी धरोहर से कम नहीं है। पचास साल पहले हुए आयोजन की कुछ धुंधली तस्वीरें है, जिनमें तत्कालीन वरिष्ठ नेतागण ज्ञानी जेल सिंह, स्वर्ण सिंह, देवकांत बरुआ, प्रकाश चंद सेठी आदि दृष्टिगोचर है। तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी नही आ पाई थी, उनका संदेश आया था। इतनी कम राशि में भव्य आयोजन, हैं न अचरज की बात…..