February 19, 2026

रहस्यमयी इंटरस्टेलर ऑब्जेक्ट को क्यों एलियन तकनीक बता रहे वैज्ञानिक

वाशिंगटन। वैज्ञानिकों ने एक बेहद अजीब और रहस्यमयी इंटरस्टेलर ऑब्जेक्ट (अंतरतारकीय वस्तु) खोजा है, जो आकार में करीब मुंबई शहर जितना बड़ा है। यह अंतरीक्षीय मेहमान पहली बार 1 जुलाई को नासा को दिखाई दिया था और तब से ही वैज्ञानिक नजर बनाए हुए हैं। यह एक धूमकेतु जैसा ऑब्जेक्ट है, जो हमारे सौर मंडल के बाहर से आया है। इससे पहले इसतरह के सिर्फ दो ही ऑब्जेक्ट खोजे गए थे 2017 में ‘ओउमुआमुआ और 2019 में 2ढ्ढ/बोरिसोव है। हार्वर्ड के मशहूर एस्ट्रोफिजिसिस्ट अवी लोएब और उनकी टीम ने हाल ही में इसका अध्ययन कर पाया कि यह ऑब्जेक्ट पहले की कल्पना से कहीं ज्यादा बड़ा है। वहीं इस एलियन टेक्नोलॉजी भी माना जा रहा है।

उनकी गणना के अनुसार, इसका वजन 33 अरब टन से भी ज्यादा है और इसका ठोस कोर (न्यूक्लियस) 3.1 मील से ज्यादा चौड़ा है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इतने बड़े ऑब्जेक्ट का हमारे सौर मंडल में प्रवेश होना बेहद दुर्लभ है। सामान्यत: इतने छोटे स्तर पर हजारों इंटरस्टेलर ऑब्जेक्ट मिल जाने चाहिए थे, लेकिन अब तक सिर्फ तीन ही खोजे गए हैं। खुशखबरी यह है कि ऑब्जेक्ट पृथ्वी से टकराने वाला नहीं है। हालांकि, इसकी राह मंगल, शुक्र और बृहस्पति के काफी करीब से गुजरती है। यह हाल ही में मंगल की कक्षा से महज 27 लाख किमी की दूरी से गुजरा।

एस्ट्रोफिजिसिस्ट लोएब कहते हैं कि अगर यह सचमुच एलियन तकनीक है, यह हमारे सौर मंडल और ग्रहों के बारे में डेटा इक_ा कर रही हो सकती है। हालांकि, वे यह भी जोड़ते हैं कि यह उद्देश्य शांतिपूर्ण भी हो सकता है या खतरनाक भी। अभी वैज्ञानिक इस ऑब्जेक्ट की राह, गैस और धूल उत्सर्जन तथा गुरुत्वाकर्षण प्रभावों का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं। अगले कुछ महीनों में साफ होगा कि ऑब्जेक्ट महज एक रहस्यमयी धूमकेतु है या वाकई इसमें एलियन तकनीक छिपी है।