वास्तु शास्त्र में सभी दिशाओं का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि वास्तु के नियम का पालन करने से जातक का जीवन खुशियों से भरा रहता है। वास्तु की दृष्टि से घर के मुख्य द्वार एक अहम हिस्सा होता है, इसलिए मुख्य द्वार सही दिशा में होना चाहिए, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होगा।
शुभ दिशा में घर का मुख्य द्वार होने से सकारात्मकता और मानसिक शांति बनी रहती है। साथ ही तनाव की समस्या दूर होती है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि किस दिशा में होना चाहिए घर का मुख्य द्वार।
कौन-सी दिशा मुख्य द्वार के लिए है शुभ?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य द्वार लिए उत्तर दिशा शुभ माना जाता है। इस दिशा को धन के देवता कुबेर का स्थान माना जाता है। इससे घर में धन का प्रभाव बना रहता है।
इसके अलावा पूर्व दिशा को भी घर के मुख्य द्वार के लिए उत्तम माना जाता है। यह दिशा सूर्य देव की है। इस दिशा में मुख्य द्वार होने से जातक को मान-सम्मान मिलता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है।
अगर आप घर में शांति का माहौल चाहते हैं, तो घर का मुख्य द्वार ईशान कोण में होना चाहिए। इससे जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
इन बातों का रखें ध्यान
मुख्य द्वार घर के अंदर की तरफ खुलना चाहिए। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
इसके अलावा मुख्य द्वार घर के सभी दरवाजों से बड़ा चाहिए।
मुख्य पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। ऐसा माना जाता है कि मुख्य द्वार पर गंदगी होने से घर में मां लक्ष्मी का आगमन नहीं होता है।
मुख्य द्वार पर स्वास्तिक का चिन्ह लगाना शुभ माना जाता है। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा नहीं आती है
मुख्य द्वार पर पेड़-पौधें लगाएं। इससे गेटिविटी दूर रहती है।
द्वारा पर हमेशा पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए।
अगर आप वास्तु के इन नियम का पालन करते हैं, तो आपक घर में हमेशा खुशहाली और सकारात्मकता का वास होगा।

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