वैद्य मधुसूदन देशपांडे राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ फेलोशिप से सम्मानित

( अमिताभ पाण्डेय)
नई दिल्ली।
भारत सरकार आयुष मंत्रालय के स्वायत संगठन राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ द्वारा वैद्य मधुसूदन देशपाण्डे को  रत्न सदस्य राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ फेलोशिप से सम्मानित   किया गया।  विज्ञान भवन में विगत 16-17 मार्च को आयोजित राष्ट्रीय सेमीनार में यह सम्मान आयुष विभाग के केंद्रीय मंत्री  सर्वानंद सोनोवाल ने प्रदान किया गया।

गोवा के मुख्यमंत्री  प्रमोद सावंत, गुजरात के कुलपति मुकुल पटेल, सुप्रसिद्ध चिकित्सक रामदास आवड़ सहित 13 विशिष्ठ व्यक्तियों को भी यह सम्मान प्रदान किया गया।

इस अवसर पर आयुष विभाग के केन्द्रीय राज्य मंत्री डॉ. महेन्द्रभाई मुंजापारा, विद्यापीठ के अध्यक्ष वैद्य देवेन्द्र त्रिगुणा, आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा, सह सचिव  प्रमोद कुमार पाठक, विद्यापीठ के निदेशक  कौस्तुभ उपाध्याय मंच पर उपस्थित थे।
इस अवसर पर विद्यापीठ सत्र 2022 के सफल शिष्यों का दीक्षांत कार्यक्रम हुआ तथा सत्र 2023 के नवीन शिष्यों को शिष्योपनयन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ द्वारा गुरू शिष्य परम्परा के अंतर्गत वैद्य मधुसूदन देशपाण्डे वर्ष 2010 से गुरू के रूप में मनोनित है। आयुर्वेद स्नातकों को कुशल एवं स्वावलम्बी वैद्य बनाने की इस महत्वपूर्ण योजना में अब तक विद्यापीठ द्वारा चयनित 20 आयुर्वेद चिकित्सक इनसे प्रशिक्षण प्राप्त कर कुशल वैद्य के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे है।

वैद्य मधुसूदन देशपाण्डे विगत 37 वर्ष से राजधानी भोपाल में ओजस आयुर्वेद एवं पंचकर्म संस्थान का संचालन कर रहें है। इस संस्थान द्वारा आत्मनिर्भर वैद्य प्रशिक्षण का कार्य विगत गुरू पूर्णिमा से प्रारंभ हुआ है। इसके अंतर्गत अध्ययनरत आयुर्वेद के छात्र एवं चिकित्सकों को आयुर्वेद प्रैक्टीस का व्यवहारिक ज्ञान प्रदान किया जा रहा है। आयुर्वेद चिकित्सा  प्रशिक्षण एवं विकास के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान पर उन्हें राज्य स्तरीय धन्वंतरि सम्मान सहित अनेक पुरस्कार पूर्व में प्राप्त हुए हैं।
श्री देशपांडे को मिले इस सम्मान पर वरिष्ठ पत्रकार चंद्रहास शुक्ल सहित अनेक समाजसेवियों ने बधाई दी है।