मास्को। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की शिखर वार्ता रद्द होने के बाद स्थिति काफी बदल गई है। ट्रंप जहां रूस पर प्रतिबंध लगाकर उसे दबाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं पुतिन दबाव में आने के बजाय कह रहे हैं कि यदि युद्ध बढ़ा तो परिणाम विनाशकारी होंगे। ट्रंप के प्रतिबंधों के जवाब में पुतिन ने अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया।
रूस ने बुधवार को अपनी परमाणु शक्ति का प्रदर्शन करते हुए अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया। पुतिन ने स्वयं इन अभ्यासों की निगरानी की। यह परीक्षण तब हुआ जब ट्रंप के साथ यूक्रेन पर प्रस्तावित शिखर बैठक स्थगित कर दी गई और रूस पर नए प्रतिबंध लगाए गए। पुतिन यह संदेश देना चाहते हैं कि उन्हें इन हथकंडों से दबाया नहीं जा सकता। क्रेमलिन के अनुसार, यह अभ्यास रूस की परमाणु त्रिशक्ति-जमीन, समुद्र और हवा से हमले की क्षमता के सभी हिस्सों को शामिल करता है। इसके तहत एक मिसाइल को उत्तर-पश्चिम रूस के एक लॉन्च सेंटर से छोड़ा गया, जबकि दूसरी मिसाइल को बारेंट्स सागर में एक परमाणु पनडुब्बी से दागा गया। इसके साथ ही रणनीतिक बमवर्षक विमानों ने लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों से अभ्यास किया।
रूसी सेना के जनरल स्टाफ प्रमुख ने वीडियो लिंक के जरिए पुतिन को बताया कि इन अभ्यासों का उद्देश्य परमाणु हथियारों के उपयोग की प्रक्रिया का अभ्यास करना था। अभ्यास के दौरान पुतिन अकेले टेबल पर बैठे थे और उनके सामने बड़े मॉनिटर पर रक्षा मंत्री और जनरल स्टाफ प्रमुख दिखाई दे रहे थे। हालांकि रूस नियमित रूप से ऐसे अभ्यास करता है, लेकिन इस बार का समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुतिन ने कहा कि यदि रूस-यूक्रेन युद्ध में टॉमहॉक मिसाइलें उतरीं तो परिणाम विनाशकारी होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि रूस जैसे स्वाभिमानी देश किसी बाहरी दबाव के सामने नहीं झुक सकता। यूक्रेनी राष्ट्रपति मिसाइल इसलिए मांग रहे हैं क्योंकि इसकी रेंज में मास्को आ सकता है। हालांकि, ट्रंप इसे यूक्रेन को देने से पीछे हट रहे हैं।

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