February 20, 2026

ट्रंप का दावा-भारत ने रूसी तेल लेना बंद किया, भारत ने दावे को किया खारिज

वॉशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को फिर दावा किया कि भारत ने रूस से तेल आयात पूरी तरह रोक दिया है, जबकि चीन ने भी रूसी तेल की खरीद में भारी कमी की है। यह बयान मॉस्को की प्रमुख तेल कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर नए अमेरिकी प्रतिबंधों की घोषणा के दौरान आया। ट्रंप ने अपने राष्ट्रपति विमान में संवाददाताओं से कहा कि चीन ने रूसी तेल की खरीद में भारी कटौती की है और भारत ने इसे पूरी तरह बंद कर दिया है। हमारे प्रतिबंधों का असर साफ दिख रहा है। उन्होंने कहा कि यह कदम रूस की अर्थव्यवस्था को कमजोर करेगा और वैश्विक ऊर्जा बाजार में बदलाव लाएगा। हालांकि, भारत सरकार ने ट्रंप के दावे को सिरे से खारिज कर दिया।

विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के दावों को नकारते हुये कहा कि भारत की ऊर्जा आयात नीति राष्ट्रीय हितों और ऊर्जा सुरक्षा पर आधारित है, जो किसी बाहरी दबाव से प्रभावित नहीं होती। आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2025 में भारत ने रूस से प्रतिदिन 1.8 मिलियन बैरल तेल आयात किया, जो पिछले महीनों के समान है। रूसी तेल भारत के 40 प्रतिशत तेल आयात का हिस्सा है, और इसकी सस्ती कीमत इसे अपरिहार्य बनाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत इसे पूरी तरह बंद नहीं कर सकता।

ट्रंप का यह बयान दक्षिण कोरिया में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाली महत्वपूर्ण बैठक से पहले आया। यह मुलाकात व्यापार, प्रौद्योगिकी और कच्चे माल पर तनाव कम करने के लिए हो रही है। ट्रंप ने आशा जताई कि इससे व्यापार युद्ध खत्म हो सकता है। उन्होंने कहा कि हम कृषि व्यापार और चीन से आने वाली फेंटानिल दवाओं के घटकों पर भी बात करेंगे, जो अमेरिका में हजारों लोगों की जान ले रही हैं। ट्रंप ने पहले भी दावा किया था कि भारत 2025 के अंत तक रूसी तेल आयात शून्य कर देगा। उन्होंने कहा कि भारत ने मुझसे कहा कि वे धीरे-धीरे इसे रोक रहे हैं। लेकिन भारत की स्वतंत्र नीति ने ट्रंप के दावों को चुनौती दी है। अमेरिकी प्रतिबंध रूस को कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा हैं, लेकिन भारत का रुख स्पष्ट है कि वह अपनी ऊर्जा जरूरतों को प्राथमिकता देगा।