भोपाल
उज्जैन में बाबा महाकाल की सावन महीने की पहली सवारी सोमवार को निकाली गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप सवारी में पहली बार जनजातीय कलाकारों का दल प्रस्तुति दे रहा है। अब तक सवारी में केवल परंपरागत भजन मंडल दल ही शामिल होते थे।
बाबा महाकाल की सवारी में धार-झाबुआ के भील जनजातीय दल के सदस्यों ने उत्साह से सहभागिता करते हुए भगोरिया नृत्य की प्रस्तुति दी। जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद के माध्यम से भागीदारी कर रहे हैं। प्रति सोमवार अलग अलग जिलों से जनजातीय कलाकार उज्जैन पहुंचकर बाबा महाकाल सवारी में हिस्सा लेंगे।

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