सर्दियों में चाय की टपरी पर आपको अलग ही रौनक नज़र आएगी। सुबह शाम यहां ऐसे रौनक रहती है मानो मुफ्त में चाय मिल रही हो। ऑफिस में काम करने वाले लोग हों या फिर राह चलते चाय की चुस्की लिए बिना आगे नहीं बढ़ते। चाय पीने से शरीर में उस वक्त तो गर्मी सी आ जाती है, लेकिन जरूरत से ज्यादा चाय पीना सेहत के लिए नुकसानदायक साबित होता है। ठंड में बार-बार कुछ गर्म खाने-पीने का मन करता है। ऐसे में आप चाय की जगह कुछ हेल्दी ड्रिंक्स को अपनी डाइट का हिस्सा बना लें। इससे आपको ठंड भी कम लगेगी और बीमारियां भी दूर भाग जाएंगी।
बादाम दूध – सर्दी में नाश्ते में चाय की जगह आप बादाम मिल्क पी सकते हैं। ये काफी हेल्दी होता है और शरीर को गर्म रखता है। बादाम में पाए जाने वाले पोषक तत्व शरीर को जबरदस्त फायदा देंगे। आप दूध में पिसे हुए बादाम मिला लें और इसे कुछ देर उबाल लें। अब इसमें इलाइची और चीनी मिलाकर पिएं।
हल्दी वाला दूध – ठंड से बचने के लिए रोजाना रात को हल्दी वाला दूध जरूर पिएं। हल्की वाला दूध पीने से आप जल्दी बीमार नहीं पड़ते। सर्दी खांसी होने पर हल्दी वाला दूध पीने की सलाह दी जाती है। ये दूध शरीर को गर्म रखने में मदद करता है और इम्यूनिटी को भी बूस्ट करता है।
कश्मीरी कहवा – सर्दी दूर भगाने के लिए लोग कश्मीरी कहवा पीते हैं। ये जितना टेस्टी होता है उससे कहीं ज्यादा हेल्दी होता है। ठंड में कहवा पीने का मजा ही कुछ और है। आपको कहवा ग्रीन टी भी मिल जाएंगी। आप इसे घर में भी बना सकते हैं। कहवा बनाने के लिए ग्रीन-टी, केसर, दालचीनी, शहद और इलायची का इस्तेमाल किया जाता है। सर्व करते वक्त इसमें पिसा बादाम भी डालते हैं।
हॉट चॉकलेट – ठंड में बच्चों के लिए आप हॉट चॉकलेट तैयार कर सकते हैं। इसका नाम सुनते ही बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के मुंह में पानी आने लगता है। चॉकलेट वैसे सभी को पसंद होती है। आप हॉट चॉकलेट खा सकते हैं या फिर हॉट चॉकलेट मिल्क भी बना सकते हैं।
कांजी का पानी- सर्दियों में लोग कांजी भी पीते हैं। इसका स्वाद काफी अलग और अच्छा होता है। कांजी बनाने के लिए पहले गाजर को छील लें और फिर गाजरों को पानी में डालकर उबाल लें। अब थोड़ा सरसों का पाउडर और नमक डालें। इस मिश्रण को 3-4 दिन धूप में रख दें। पीने से पहले राई का तड़का लगाएं और हल्का गुनगुना पिएं।

More Stories
डर, तनाव और असफलता से मुक्ति चाहते हैं? भगवद गीता के ये 7 श्लोक बदल देंगे आपकी सोच
महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण पुरुषों से क्यों होते हैं अलग? जानिए और रहें सतर्क
सिर्फ एनीमिया नहीं, जानलेवा भी हो सकता है एप्लास्टिक एनीमिया — आम खून की कमी से कितना अलग है यह रोग?