मुंबई
होम मिनिस्टर अमित शाह के बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर पर दिए बयान को लेकर हंगामा मचा हुआ है। कांग्रेस ने पूरे देश में ऐलान किया है तो वहीं संसद में हंगामा बरपा है। इस बीच भीमराव आंबेडकर के पोते और बहुजन वंचित अघाड़ी के नेता प्रकाश आंबेडकर का भी बयान सामने आया है। उन्होंने अमित शाह के बयान को लेकर कहा कि यह तो इन लोगों की पुरानी मानसिकता है। उन्होंने कहा, 'भाजपा के अस्तित्व में आने से पहले भी जनसंघ और आरएसएस ने बाबासाहेब का विरोध किया था। ऐसा तब किया गया, जब संविधान को अपनाया जा रहा था।'
प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि ये लोग तब भी सफल नहीं हुए थे और आज भी सफल नहीं हो सकेंगे। उन्होंने कहा, 'यह कोई नई बात नहीं है। वे अपने पुराने प्लान लागू नहीं कर पाए हैं। इसकी वजह कांग्रेस नहीं बल्कि बाबासाहेब आंबेडकर हैं। आगे भी ये लोग सफल नहीं पाएंगे।' बता दें कि भीमराव आंबेडकर पर अमित शाह के बयान पर विवाद थमा नहीं है। कांग्रेस उनके इस्तीफे की मांग कर रही है तो वहीं लालू यादव का कहना है कि शाह को राजनीति से ही इस्तीफा दे देना चाहिए।
अमित शाह ने कहा था कि इन दिनों आंबेडकर-आंबेडकर कहना फैशन बन गया है। इतना यदि ये भगवान का नाम लेते तो 7 जन्मों तक के लिए स्वर्ग मिल जाता। इस पर भी प्रकाश आंबेडकर ने खासतौर पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भगवान का नाम लेना तो फिर एक तरह से मनुवाद को ही स्वीकार करना हुआ। प्रकाश आंबेडकर ने इस बीच महाराष्ट्र के परभणी में हुई हिंसा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि वहां मारे गए सोमनाथ सूर्यवंशी के परिजनों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस समेत महाविकास अघाड़ी पर भी निशाना साधा। प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि ये लोग नाम बहुत लेते हैं, लेकिन परभणी कोई नहीं गया। ये लोग सिर्फ बाबासाहेब के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परभणी में तो गोधरा जैसे हालात पैदा करने की कोशिश की गई थी।

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