September 20, 2026

जबलपुर के दो लाख लोगों का इंतजार खत्म, रांझी में ₹45 करोड़ से बना 100 बेड का हाईटेक अस्पताल तैयार

 जबलपुर

रांझी में 100 बिस्तरों वाला नया सिविल अस्पताल भवन बनकर लगभग तैयार है, लेकिन इसके औपचारिक उद्घाटन और पूर्ण संचालन का इंतज़ार है। इसके शुरू होने से उपनगरीय क्षेत्र रांझी सहित आसपास के एरिया के तकरीबन दो लाख लोगों को फायदा मिलेगा।
100 बिस्तरों का नया भवन बनकर तैयार

दरअसल रांझी क्षेत्र में स्थित सिविल अस्पताल अब स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में बड़ी सौगात पाने जा रहा है। जहां 45 करोड़ रुपये की लागत से चार मंजिला हाईटेक 100 बिस्तरों का नया भवन बनकर तैयार हो चुका है। अस्पताल बन जाने के बाद अब रांझी और आसपास के इलाकों के लोगों को इलाज के लिए शहर की ओर दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।

फिलहाल रांझी सिविल अस्पताल सिर्फ रेफरल सेंटर के तौर पर ही जाना जाता था। जहां हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और ब्रेन हेमरेज जैसे गंभीर मामलों में यहां प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों को जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज या शहर के निजी अस्पतालों में भेज दिया जाता था। ऐसे में 20 से 25 मिनट का कीमती समय रास्ते में ही निकल जाता है, जो कई बार मरीज की जान पर भारी पड़ता था।
विशेषज्ञ डॉक्टरों और आधुनिक जांच सुविधाओं से बदलेगी व्यवस्था

नया भवन शुरू होने के बाद हालात पूरी तरह बदलने की उम्मीद है। अस्पताल में आधुनिक जांच मशीनें लगाई गई हैं। 100 बेड का हॉस्पिटल शुरू होने के बाद चिकित्सकों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी और पैरामेडिकल व नर्सिंग स्टाफ की भी तैनाती होगी। इससे सामान्य ही नहीं, बल्कि गंभीर बीमारियों का इलाज भी यहीं संभव हो सकेगा।

गौरतलब है रांझी सिविल अस्पताल की ओपीडी में रोजाना औसतन 300 से 350 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। रांझी के छह वार्डों के अलावा मटामर, सोनपुर, मानेगांव, मोहनिया, खमरिया, पिपरिया और उमरिया जैसे इलाकों की बड़ी आबादी इसी अस्पताल पर निर्भर है। इसके मुकाबले संसाधनों की कमी अब तक सबसे बड़ी चुनौती रही है।

सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने बताया नए भवन के चालू होने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा काफी बढ़ेगा। जरूरी जांच सुविधाएं, विशेषज्ञ डॉक्टर और पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराया जाएगा। इससे गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिलेगा।

ऑपरेशन थिएटर, लिफ्ट, रैंप और पैथोलॉजी लैब से लैस

पहली मंजिल पर एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक, दूसरी मंजिल पर पुरुष और महिला वार्ड, तीसरी मंजिल पर अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर और भवन में सीढ़ी, रैंप, और तीन लिफ्ट सहित बाहर पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था है। इसके अलावा दो आधुनिक ऑपरेशन थिएटर बनाए गए हैं, जिसमें माइनर ऑपरेशन की सुविधा मिलेगी। एक पैथोलॉजी लैब जिसमें जांच की सुविधाएं होंगी। नई ओपीडी वार्ड, इमरजेंसी वार्ड और अन्य संसाधन भी उपलब्ध होंगे।