बीजापुर
जिले के पीडिया मुठभेड़ को लेकर राजनैतिक आरोपों के बाद अब सामाजिक कार्यकर्ता बेला भाटिया ने मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने जिन्हे नक्सली बताकर मारा उनके शवों को उनके रिश्तेदारों से उठवाया गया। बेला भाटिया ने प्रेसवार्ता में कहा कि तेंदूपत्ता तोड?े गए 12 ग्रामीणों की पुलिस ने नक्सली बताकर हत्या करने के बाद उनके रिश्तेदारों से शव उठवाकर शव को जिला मुख्यालय तक लाया गया। उन्होने बताया कि वह स्वयं मृतकों के परिजनों को लेकरआज शनिवार को जिला मुख्यालय आईं थीं, बीजापुर एसपी ने पहले मिलने से मना कर दिया था, 03-04 घंटे तक इंतजार करवाने के बाद मुलाकात की। उन्होने बताया कि फर्जी मुठभेड़ और घायलों को लेकर थाने में शिकायत पत्र दिया गया है, जिसकी पावती नहीं दी गई है। जब देने कहा गया तो पुलिस ने नहीं दिया जाएगा कहा। बेला भाटिया ने कहा कि इतावार गांव से 19 लोग और पीडिया गांव से 57 लोगों को पुलिस पकड़कर ले गई। जिन्हें नक्सली बताकर मारा, वे ग्रामीण थे। उनमें से 02 ऐसे लोग थे जो दूसरे गांव के रहने वाले थे, अपने रिश्तेदार के घर आए थे।

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