मप्र विधानसभा: कांग्रेस ने उठाया पुरानी पेंशन योजना का मुद्दा, मंत्री शिवाजी पटेल ने कहा
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के 7वें दिन मंगलवार को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि देकर सदन की कार्यवाही शुरू की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी श्रद्धांजलि दी। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक सेना महेश पटेल ने पुरानी पेंशन योजना का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2005 के बाद पेंशन को एनपीएस के अंतर्गत लाया। इसमें लाभ की कोई गारंटी नहीं है। सरकार ने जवाब दिया है कि हमारे पास इस पुरानी पेंशन योजना को लेकर न कोई जानकारी है न कोई प्लानिंग है। क्या हमारे कर्मचारी देश की और प्रदेश की सेवा में कोई कसर छोड़ते हैं? यह सरकार की जिम्मेदारी है कि लोगों को सुरक्षा मिले। दूसरे प्रदेशों में पुरानी पेंशन योजना लागू है तो मध्य प्रदेश में क्यों नहीं?
जवाब में राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि उत्तर पटल पर रखा है। पुरानी पेंशन योजना को लागू करने का न कोई प्लान है और न ही विचार। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी कहा कि इस तरह का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने वॉकआउट किया। जबलपुर में शासकीय विक्टोरिया अस्पताल में फर्जी नियुक्ति का आरोप लगाया था। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने वॉकआउट किया है।
अधिकारी के तबादले को लेकर सवाल
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक चंदा सुरेंद्र सिंह गौर ने पलेरा के महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी प्रदीप मिश्रा के स्थानांतरण का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि मिश्रा द्वारा गलत जानकारी दिलाई गई है। उन्हें कब हटाया जाएगा? मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि तबादला नीति के तहत सीमित संख्या में स्थानांतरण किए जाने का प्रावधान था इसलिए तबादला नहीं हो सकता है। इस मामले में आगे कार्रवाई की जाएगी।
मुंजारे ने पदोन्नति का मामला उठाया
प्रश्नकाल में बालाघाट से कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे ने सवाल किया कि महिला और बाल विकास विभाग में 15 साल से सहायक ग्रेड 3, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति नहीं की गई है। कर्मचारी परेशान हैं और उनकी कार्य क्षमता पर असर पड़ रहा है। सरकार इस मामले में क्या कहना चाहती है? इस पर महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि अभी पदोन्नति पर रोक है। जब इस मामले में अंतिम निर्णय होगा तो कार्रवाई की जाएगी।

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