September 10, 2026

महाकाल के आंगन से शुरू होगा रंगोत्सव, संध्या आरती के बाद प्रज्वलित होगी आस्था की अग्नि

उज्जैन
 धर्मनगरी उज्जैन में रंगोत्सव की शुरुआत इस बार भी परंपरा और आध्यात्म के संग होगी। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में 02 मार्च को संध्या आरती के बाद प्राचीन परंपरा अनुसार होलिका दहन किया जाएगा। मान्यता है कि विश्व में सबसे पहले बाबा महाकाल के आंगन में ही होलिका प्रज्वलित होती है और यहीं से रंगों के पर्व का शुभारंभ माना जाता है ।
संध्या आरती के दौरान सबसे पहले भगवान महाकाल को हर्बल गुलाल अर्पित किया जाएगा और परंपरानुसार शक्कर की माला पहनाई जाएगी। इसके बाद मंदिर प्रांगण में ओंकारेश्वर मंदिर के सामने विधिवत पूजन-अर्चन कर होलिका दहन होगा।

03 मार्च को धुलेंडी पर्व पर तड़के 4 बजे होने वाली भस्म आरती में सबसे पहले मंदिर के पुजारी और पुरोहित बाबा महाकाल को हर्बल गुलाल अर्पित करेंगे। भक्ति का यह अद्भुत संगम श्रद्धालुओं के लिए अलौकिक अनुभव होगा।

इसी क्रम में 04 मार्च 2026 से चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से अश्विन पूर्णिमा तक आरतीयों के समय में परंपरानुसार परिवर्तन लागू होगा। नई समय-सारिणी के अनुसार, भस्म आरती प्रातः 4 से 6 बजे तक, दद्योदक आरती 7 से 7:45 बजे तक, भोग आरती 10 से 10:45 बजे तक, संध्या पूजन 5 से 5:45 बजे तक, संध्या आरती 7 से 7:45 बजे तक और शयन आरती रात्रि 10:30 से 11 बजे तक संपन्न होगी।