सीहोर
पति द्वारा पत्नी की हत्या करने के मामले में कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उक्त मामले में शासन की ओर से पैरवीकर्ता अपर लोक अभियोजक पंकज रघुवंशी ने बताया कि दिनांक 12 दिसंबर 2022 को फरियादी शिवकुमार परते ने रिपोर्ट लिखाई कि पिता रमेश परते और मां रामरती बाई के बीच विवाद हो रहा था। करीब 7.30 बजे फरियादी का भाई अरविंद परते सत्रामऊ में वरुण चौहान के यहां चला गया था। उसके बाद करीबन 8 बजे फरियादी सनखेड़ी में दुकान पर सामान लेने लगा था। करीबन 9.30 बजे जब फरियादी सनखेड़ी से वापस अपने घर आया तो उसने देखा कि घर के पास मवेशी बांधने की टापरी में उसकी मां रामरती बाई का धड़ पड़ा हुआ है, जिससे खून निकल रहा था।
फरियादी की मां रामरती बाई का सिर टापरी के कोने में पड़ा हुआ था। फरियादी के पिता का काले रंग का जैकेट भी वहीं पड़ा हुआ था, जिस पर की खून लगा हुआ था। फरियादी के पिता रमेश परते ने गुस्से में उसकी मां रामरती बाई की कुल्हाड़ी से सिर काटकर हत्या कर दी तथा फरियादी का पिता रमेश परते घर से भाग गया।
फरियादी की उक्त रिपोर्ट पर थाना शाहगंज में अपराध क्रमांक 353/22 अंतर्गत धारा 302 भादवि के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट पर प्रकरण विवेचना उपरांत न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में अभियोजन द्वारा अपना मामला युक्ति युक्त संदेश से परे प्रमाणित करने में सफल रहा कि अभियुक्त रमेश परते ने अपनी पत्नी रामरती बाई की कुल्हाड़ी से गला काटकर हत्या की गई। अपर सत्र न्यायाधीश डॉक्टर वैभव विकास शर्मा ने अभियुक्त रमेश परते पिता बराती लाल परते (50) निवासी ग्राम सनखेड़ी थाना शाहगंज को दोष सिद्ध मानते हुए आजीवन सश्रम कारावास एवं दो हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।

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