मुंबई
महाराष्ट्र में बंपर जीत के बाद महायुति में मुख्यमंत्री पद को लेकर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। खबर है कि शिवसेना ने साफ कर दिया है कि एकनाथ शिंदे उपमुख्यमंत्री पद स्वीकार नहीं करेंगे। खबरें थीं कि भारतीय जनता पार्टी देवेंद्र फडणवीस को राज्य के शीर्ष पद पर तैनात करना चाहती है, लेकिन शिवसेना से चर्चाएं जारी हैं। महाविकास अघाड़ी सरकार गिरने के बाद शिंदे ने भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाई थी और सीएम बने थे।
शिवसेना ने साफ कर दिया है कि शिंदे महाराष्ट्र के डिप्टी CM का पद स्वीकार नहीं करेंगे। मीडिया से बातचीत में शिवेसना ने संजय शिरसात ने कहा, 'विधानसभा चुनाव एकनाथ शिंदे के नाम पर लड़े गए थे। वह CM के तौर वापसी के हकदार हैं। वह उपमुख्यमंत्री के पद को स्वीकार नहीं करेंगे।' महायुति ने महाराष्ट्र की 288 में से 230 सीटों पर कब्जा किया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिवसेना नेता दावा कर रहे हैं लोकसभा चुनाव में महायुति के खराब प्रदर्शन के बाद तय किया गया था कि विधानसभा में महायुति आती है, तो सीएम शिंदे को बनाया जाएगा। जबकि, भाजपा नेताओं का कहना है कि पहले तय हुआ था कि चुनाव के नतीजों के ऐलान के बाद तीनों दलों के नेता साथ बैठकर फैसला लेंगे। जून-जुलाई 2022 में शिंदे समेत कई विधायक तब अविभाजित शिवसेना से अलग हो गए थे। तब शिंदे ने भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर सरकार बनाई थी और सीएम पद हासिल किया था। उस दौरान पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस को राज्य का उपमुख्यमंत्री बनाया गया था।

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