वास्तु एक ऐसी विधा है जिसमें ज्योतिष का संबंध भी देखा जाता है. सभी लोगों के लिए सभी दिशाएं शुभ फलदायी नहीं हो सकती हैं. कभी किसी के लिए कोई दिशा लाभकारी होती है तो वही दिशा किसी दूसरे व्यक्ति के लिए नुकसानदायक होती है. ऐसे में आइए जानते हैं, ज्योतिष और वास्तु (Vastu Shastra) के हिसाब से अपनी सही दिशा को कैसे निर्धारित किया जाए जिससे करियर और पैसों के मामले में लाभ मिले.
कोई भी नया काम शुरू करने जाएं तो उत्तर दिशा की ओर मुंह कर लेना चाहिए. उत्तर दिशा को सफलता की दिशा माना जाता है.
घर में पूजा करते समय दिशा का अपना एक प्रभाव रहता है. वास्तु के अनुसार पूजा करते समय व्यक्ति का मुंह पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए. अगर ऐसा होना मुश्किल है तो मुंह को पूर्व दिशा की ओर भी रख सकते हैं.
वास्तु के अनुसार छात्रों की पढ़ाई के लिए पूर्व दिशा शुभ होती है. जो छात्र पूर्व की दिशा की ओर मुख करके पड़ते हैं, उन्हें निश्चित तौर पर सफलता मिलती है.
दुकान या ऑफिस में काम करते समय जो मुखिया या बॉस होता है उनका मुंह हमेशा उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए, इससे काम में हमेशा सफलता मिलती है.
घर के किचन में यदि आप वास्तु के अनुसार खाना बनाएं और आपका मुख पूर्व या उत्तर पूर्व दिशा की ओर हो तो शुभ माना जाता है.
भोजन यदि सही दिशा की ओर मुंह करके खाएं तो भोजन से आने वाली ऊर्जा पूर्ण रूप से मिलती है. इसके लिए वास्तु के अनुसार खाना खाते समय पूर्व और उत्तर दिशा की ओर मुंह का होना शुभ माना जाता है.

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