नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC की जातियों को सूचीबद्ध करने के तरीके को लेकर दाखिल याचिका का निपटारा कर दिया है. यह याचिका OBC फेडरेशन ऑफ इंडिया की तरफ से दाखिल की गई थी. याचिका में मांग की गई थी कि ऑनलाइन जनगणना फॉर्म में OBC जातियों की सूची ड्रॉप-डाउन मेनू के रूप में उपलब्ध कराई जाए, ताकि अलग-अलग पिछड़ी जातियों को सूचीबद्ध किया जा सके।
बुधवार को सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने कहा कि यह मामला नीतिगत निर्णय से जुड़ा है और इस पर सरकार ही विचार कर सकती है. हालांकि, पीठ ने याचिकाकर्ताओं को भारत के जनगणना रजिस्ट्रार जनरल के सामने अपनी मांग रखने की छूट दे दी।
याचिकाकर्ताओं ने क्या दलील दी
फेडरेशन की तरफ से पेश वकील अंजनी अयंगर ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता पिछड़े वर्गों से आते हैं. उन्होंने सरकार के सामने मांग रखी थी कि चल रही ऑनलाइन जनगणना प्रक्रिया में OBC जातियों के लिए ड्रॉप-डाउन मेनू की व्यवस्था की जाए।
याचिका में कहा गया कि जनगणना के शेड्यूल के कॉलम नंबर 10 में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और जाति से जुड़ी जानकारी मांगी गई है. लेकिन SC और ST के अलावा अन्य लोगों के लिए जाति दर्ज करने का विकल्प ओपन टेक्स्ट फील्ड के रूप में दिया गया है. इसमें लोगों को अपनी जाति का नाम खुद लिखना पड़ता है।
2011 की जनगणना का दिया गया हवाला
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि OBC जातियों के लिए भी ड्रॉप-डाउन मेनू होना चाहिए, जैसा कि 2011 की जनगणना में SC और ST जातियों के लिए किया गया था. उनके मुताबिक, इससे विभिन्न OBC जातियों को सूचीबद्ध करने में मदद मिलेगी।

More Stories
कॉकपिट में हमले के बाद भी डटे रहे भारतीय पायलट स्मित मछार, UAE ने बहादुरी के लिए किया सम्मानित
पिनाका रॉकेट सिस्टम की रेंज 300 KM तक बढ़ाने की तैयारी, भारत की डीप स्ट्राइक क्षमता होगी मजबूत
8th Pay Commission: DA मर्ज होगा या नहीं? 5वें, 6वें और 7वें वेतन आयोग में क्या हुआ था, जानें पूरा इतिहास