नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोमवार को शिरीष चंद्रा मुर्मू को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का नया डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया है। वर्तमान में वह बैंक में एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर (ईडी) के पद पर कार्यरत हैं। वे 9 अक्टूबर 2025 को नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
शिरीष चंद्रा मुर्मु का बैंकिंग और वित्तीय रेगुलेटरी मामलों में लंबा अनुभव है। उन्होंने आरबीआई में विभिन्न अहम विभागों का संचालन किया है और मौद्रिक नीति, वित्तीय निगरानी और बैंकिंग रेगुलेशन जैसे क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई है। सरकार ने उनके अनुभव और विशेषज्ञता को देखते हुए उन्हें डिप्टी गवर्नर के पद पर नियुक्त किया है। बता दें कि रिजर्व बैंक में चार डिप्टी गवर्नर होते हैं, और प्रत्येक की जिम्मेदारी अलग-अलग प्रमुख क्षेत्रों पर होती है। इनमें मौद्रिक नीति, बैंकिंग सुपरविजन, रेगुलेशन, पेमेंट्स और फाइनेंशियल मार्केट्स शामिल हैं। डिप्टी गवर्नर देश की वित्तीय स्थिरता बनाए रखने और बैंकिंग प्रणाली को सुरक्षित रखने में अहम योगदान देते हैं।
नए डिप्टी गवर्नर के रूप में शिरीष चंद्रा मुर्मु बैंकिंग सुपरविजन, करेंसी मैनेजमेंट, वित्तीय स्थिरता, ग्राहक संरक्षण और नीति निर्माण के क्षेत्रों में जिम्मेदारी संभालेंगे। मुर्मु की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारतीय अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों का सामना कर रही है। हाल ही में आरबीआई ने ब्याज दरों में कटौती और कैश रिजर्व रेशियो (सीआरआर) घटाने जैसे बड़े कदम उठाए हैं( इन कदमों का उद्देश्य महंगाई को नियंत्रित करते हुए आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।
अर्थ विशेषज्ञों का मानना है कि शिरीष मुर्मु की नियुक्ति भारतीय बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली को सकारात्मक गति मिलेगी। उनका नेतृत्व बैंकिंग सुपरविजन और वित्तीय स्थिरता के क्षेत्रों में मजबूत दिशा देने में मदद करेगा। उनकी नियुक्ति भारतीय वित्तीय बाजारों और अर्थव्यवस्था के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

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