नई दिल्ली। मध्यप्रदेश सहित देशभर में शारदीय नवरात्र सोमवार से परंपरागत श्रद्धा एवं उत्साह से शुरु हो गये। सुबह से ही देवी मंदिरों में अनुष्ठान और पूजा-पाठ शुरु हो गई। देवी भक्त मंदिरों में पहुंचने लगे हैं। हिमाचल प्रदेश के शक्तिपीठों के कपाट आधी रात से ही खोल दिए गए। बिलासपुर में मां नैना देवी मंदिर के कपाट रात 2 बजे, ऊना में मां चिंतपूर्णी मंदिर के सुबह 4 बजे, कांगड़ा में मां ज्वाला, मां ब्रजेश्वरी और मां चामुंडा देवी के कपाट सुबह 5 बजे खोल दिए गए हैं। भोपाल के समीप स्थित सलकनपुर विंध्यवासनी बीजासन देवी मंदिर में सुबह से ही देवी भक्तों की भीड़ उमड़ रही है।
उप्र के मिर्जापुर के विध्यांचल और फिरोजाबाद के राजराजेश्वरी कैला देवी मंदिर में सुबह से भक्तों की इतनी भीड़ उमड़ पड़ी कि पैर रखने की जगह नहीं रही। काशी में दुर्गा मंदिर में 1 किमी लंबी लाइन लगी है। देशभर में दुर्गा पंडाल चित्तकार्षक रोशनी से सजाये गये हैं। दक्षिण कोलकाता अशोक नगर संघ ने दुर्गा पूजा पंडाल को बांग्ला, आमार मां आर भाषा थीम पर डिजाइन किया गया है, जिसका अर्थ है बांगला मेरी मातृभाषा है।
इस बार नवरात्रि 10 दिनों की रहेगी, क्योंकि चतुर्थी तिथि दो दिन तक रहेगी। दुर्गाष्टमी 31 सितंबर और महानवमी 1 अक्टूबर को रहेगी। 2 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा। चेतला अग्रणी क्लब का दुर्गा पूजा पंडाल इस साल भी भव्य सजावट और पारंपरिक आभा के लिए शुरूआत से ही चर्चा का विषय बना हुआ है। महालया के अवसर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यहां पहुंचकर देवी दुर्गा की प्रतिमा पर चक्षुदान किया और माथे पर सजावटी बिंदु लगाया। नवरात्रि पर्व दक्षिण कोलकाता का एक प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन माना जाता है, जिसकी थीम हर साल विशेष आकर्षण का केंद्र होती है।

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