सिंधिया परिवार की 40000 करोड़ की संपति का विवाद, बुआएं-भतीजा समझौते के लिए तैयार

ग्वालियर। ग्वालियर का सिंधिया राजपरिवार राजीनामा की राह पर चल पड़ा है। कई दशकों से सिंधिया परिवार के बीच में 40000 करोड रुपए की संपत्ति को लेकर विवाद विभिन्न कोर्ट में चल रहे हैं। संपति का यह विवाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा उनकी दो बुआ जिसमें राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के बीच पिछले 15 साल से संपत्ति का विवाद न्यायालय में चल रहा है।

संपत्ति बंटवारे का यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। सिंधिया परिवार के नजदीकी सूत्रों का कहना है कि दोनों पक्षों के वकीलों ने 15 साल लडऩे के बाद अब समझौता कराने का मन बनाया है। दोनों पक्षों के बीच में सहमति हुई है। 90 दिनों के अंदर वह समझौते के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। यदि कोई राह नहीं निकली,तो याचिका पर फिर सुनवाई हाईकोर्ट में शुरू हो जाएगी।

कितनी संपति है सिंधिया परिवार की
सिंधिया परिवार के पास देश की सबसे बड़ी संपत्ति है। ग्वालियर में 12.40 लाख वर्ग फीट में बना जय विलास पैलेस है। जिसकी कीमत ही 10000 करोड रुपए है। इसके अलावा शिवपुरी में माधव विलास पैलेस, हैप्पी विलास और जार्ज कैसल जैसी कई संपत्तियां हैं। उज्जैन मैं कालिया देह पैलेस दिल्ली में ग्वालियर हाउस पुणे में पदम विलास पैलेस, वाराणसी में सिंधिया घाट, गोवा में विठोवा मंदिर और अन्य कई संपत्तियां हैं। जिनको लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया और दोनों बुआ के बीच में बंटवारे को लेकर विवाद चल रहे हैं।

सारा सिंधिया परिवार भाजपा में
वर्तमान में पूरा सिंधिया परिवार भाजपा में है। राजमाता सिंधिया जनसंघ में चली गई थी। ग्वालियर का राज महल जनसंघ की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गया था। माधवराव सिंधिया के कांग्रेस में चले जाने के बाद इसे राजनीतिक विवाद से भी जोड़ा जाता था। अब ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में शामिल हो गए हैं। इसी तरह राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधराराजे सिंधिया और पूर्व मंत्री यशोधराराजे सिंधिया भी भाजपा में हैं।