नई दिल्ली
अमेरिका और इजरायलके हवाई हमले में ईरान के सुप्रीम नेता खामेनेई की मौत के बाद दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। वहीं चीन और उत्तर कोरिया ने भी नाराजगी जाहिर की है। इजरायली मीडिया के अनुसार, रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई इंसानी नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सभी नियमों का उल्लंघन करती है। पुतिन ने ईरानी समकक्ष मसूद पेजेशकियन को लिखे एक नोट में कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों की मौत के संबंध में मेरी गहरी संवेदनाएं स्वीकार करें।”
चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि खामेनेई पर हमला ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन है। यह यूएन चार्टर के मकसद और सिद्धांतों और इंटरनेशनल रिलेशन के बेसिक नियमों को रौंदता है। चीन इसका कड़ा विरोध करता है और इसकी कड़ी निंदा करता है। हम सैन्य ऑपरेशन को तुरंत रोकने, तनावपूर्ण स्थिति को और न बढ़ाने और मिडिल ईस्ट और पूरी दुनिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर कोशिश करने की अपील करते हैं।
उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया, कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा है कि ईरान पर इजरायल के हमले और वहां अमेरिकी सैन्य अभियान गैरकानूनी हमले और राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन हैं।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि खामेनेई सरकार के बैलिस्टिक मिसाइल और न्यूक्लियर प्रोग्राम, हथियारबंद प्रॉक्सी को सपोर्ट और अपने ही लोगों के खिलाफ हिंसा और डराने-धमकाने के क्रूर कामों के लिए जिम्मेदार थे। वह ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर हमलों की प्लानिंग के लिए जिम्मेदार थे। उनकी मौत पर शोक नहीं मनाया जाएगा। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इस हमले में खामेनेई की बेटी, पोता और दामाद की भी मौत हो गई है।

More Stories
ईरान में बड़ा बदलाव: अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी बने अंतरिम सर्वोच्च नेता
ईरान का बड़ा दावा: USS अब्राहम लिंकन पर 4 मिसाइलों से हमला
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय दूतावासों की एडवाइजरी, गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील