जम्मू
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ पदाधिकारी इंद्रेश कुमार ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने मुसलमानों से अपील की है कि वे आतंकियों के जनाजे में शामिल न हों और उन्हें दफनाने के लिए कब्रिस्तान में जगह न दें। उनका कहना है कि आतंकवादियों को धर्म से जोड़ना गलत है। क्योंकि उनका कोई धर्म नहीं होता। उन्होंने यह बात मंगलवार को कही।
पहलगाम में स्मारक बनाने का प्रस्ताव
इंद्रेश कुमार ने कहा कि अगर 20-30 साल पहले यह कड़ा फैसला लिया गया होता, तो जम्मू-कश्मीर की स्थिति आज कुछ और होती। उनके अनुसार, आतंकियों को सम्मान देना गलत है। उन्होंने पहलगाम में एक स्मारक बनाने का प्रस्ताव रखा है। यह स्मारक पाकिस्तान की क्रूरता को दुनिया के सामने लाएगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अब टूटने की कगार पर है। सिंध, बलूचिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (पीओके) जैसे कई इलाके आजादी की मांग कर रहे हैं।
भारतीय मुसलमानों से वोट बैंक की राजनीति छोड़ने की अपील
इंद्रेश कुमार ने भारतीय मुसलमानों से वोट बैंक की राजनीति छोड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को देश के हित में सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब आतंकियों के लिए नमाज पढ़ी जाती है। उन्हें कब्र दी जाती है या जनाजे में लोग शामिल होते हैं, तो यह संकेत जाता है कि वे किसी धर्म के प्रतिनिधि हैं, जो पूरी तरह गलत है।
आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पिछले हफ्ते मंगलवार को हुए आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें से ज्यादातर पर्यटक थे।

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